जमुई/बिहार। जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा सभी ग्राम पंचायतों में गठित खेल क्लबों के सुचारू संचालन को लेकर जिला प्रशासन की पहल तेज हो गई है। जिला पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रखंडवार बैठक आयोजित कर खेल गतिविधियों की समीक्षा के साथ पंचायत स्तर पर खेल के विकास की रणनीति तैयार की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को खैरा, सोनो एवं चकाई प्रखंडों में निर्धारित समय एवं स्थान पर विशेष बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जिला खेल पदाधिकारी जमुई श्री परिमल ने भाग लिया और उपस्थित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शारीरिक शिक्षा शिक्षकों तथा पंचायत खेल क्लबों के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष को संबोधित किया। उन्होंने खेल विभाग, बिहार सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, खेल प्रोत्साहन कार्यक्रमों तथा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अवसरों की विस्तार से जानकारी दी।
जिला खेल पदाधिकारी ने आगामी जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता एवं ‘मशाल’ खेल प्रतियोगिता के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रतिनिधियों एवं पंचायत खेल क्लब के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में बेहतर समन्वय और खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का उचित मंच मिल सके।
बैठक में पंचायत स्तर पर नवनिर्मित एवं पहले से उपलब्ध खेल मैदानों के समुचित उपयोग और रख-रखाव पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास के लिए भी लगातार उपयोग में लाए जाएं। पंचायत खेल क्लबों को भी अपने क्षेत्र के खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करने तथा खेल गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई।
इस दौरान जिला खेल पदाधिकारी ने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जमुई जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण एवं पंचायत स्तर पर मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिले, ताकि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने कहा कि जिले में खेल संस्कृति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। पंचायत स्तर पर खेल क्लबों की सक्रियता और खेल मैदानों का नियमित उपयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।








