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बिहार : जैविक खेती की मान्यता अब राज्य में ही


5 JAN 2020

पटना : बिहार में जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए एक खुशखबरी है। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रमाण-पत्र देने के लिए बिहार राज्य बीज एवं जैविक प्रमाण एजेंसी (बसोका) को मान्यता दे दी गई है। बिहार सरकार का भी मानना है कि इससे राज्य में जैविक खेती को लेकर तेजी आएगी। बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने शनिवार को बताया कि बसोका ही अब राज्य में जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रमाणित करेगा। उन्होंने कहा कि "भारत सरकार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संस्थान कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा मूल्यांकन किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय मान्यता बोर्ड को जैविक प्रमाणन के लिए प्रमाणन संस्थान के रूप में मान्यता देने की अनुशंसा कर दी। बोर्ड की बैठक में बसोका को प्रमाणीकरण के लिए मान्यता दे दी गई।"

गौरतलब है कि इस से पहले बिहार में किसानों को मान्यता लेने के लिए सिक्किम से संपर्क करना पड़ता था।

उल्लेखनीय है कि जैविक खेती में सबसे महत्वपूर्ण काम प्रमाणीकरण का होता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के 12 जिलों में जैविक कॉरिडोर बनाया गया है, जिसमें गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों को जैविक खेती के लिए अनुदान देने, खेतों को तीन वर्ष में जैविक खेती योग्य बनाने से अंगीकरण और प्रमाणीकरण का काम किया जाता है।

मंत्री ने कहा, "जैविक प्रमाणीकरण गुणवत्ता गारंटी की एक पद्घति है, जो निर्धारित मानकों एवं निर्यात नीति का पालन करने के लिए निर्धारित गुणवत्ता को सुनिश्चित करती है। कृषि व्यापार को प्रोत्साहित करती है। बसोका को प्रमाणीकरण की मान्यता प्राप्त होने से कृषि उत्पाद उपयोग वाले उपभोक्ताओं को यह गारंटी दी जाएगी कि जैविक उत्पादन में निर्धारित मानक का प्रयोग किया गया है। जैविक प्रमाणीकरण मिलने से अन्य राज्य, देश एवं विदेश में बिहार के कृषि उत्पाद का निर्यात होगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।"