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जमुई : जीत की उम्मीद के साथ चिराग पासवान ने किया नामांकन दाखिल


जमुई/सेंट्रल डेस्क [सुशांत सिन्हा] :

देश भर में हो रहे आम चुनाव के मद्देनजर जमुई लोकसभा (सुरक्षित) सीट के लिए पहले चरण में मतदान होना है. जिसके लिए सोमवार को दर्जन भर प्रत्याशियों ने अपना नॉमिनेशन दाखिल किया. एनडीए की ओर से निवर्तमान सांसद लोक जनशक्ति पार्टी के युवा नेता चिराग पासवान ने नामांकन का पर्चा भरा, वहीं महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उम्मीदवार भूदेव चौधरी ने अपना नामांकन दाखिल किया.

जबकि उद्योगपति उपेन्द्र रविदास इस बार बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

नॉमिनेशन के पूर्व चिराग ने की पूजा
नॉमिनेशन दाखिल करते वक़्त चिराग पासवान के साथ केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, बिहार सरकार में मंत्री पशुपति कुमार पारस, रामचंद्र पासवान, पूर्व मंत्री दामोदर रावत, भाजपा, लोजपा एवं जदयू के जिलाध्यक्ष मौजूद रहे. शहर के जेनेक्स ब्रिज होटल में पूजा-अर्चना करने के बाद चिराग पासवान नॉमिनेशन करने निकले. जहाँ उनके साथ उनकी माँ रीना पासवान, बहन, भाई एवं अन्य सम्बन्धी भी मौजूद थे. पटना से आये पंडित ने चिराग को पूजा करवाया एवं ईश्वर से विजयश्री का आशीर्वाद माँगा.

पूजनोपरांत बिहार सरकार में मंत्री चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने चिराग को दही-चीनी खिलाया. वहीं पिता रामविलास पासवान ने गले लगाकर पुत्र चिराग को आशीष दिया.

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उत्साहित कार्यकर्ताओं ने किया हौसलाअफजाई
चिराग के नामांकन में बड़ी संख्या में एनडीए के नेता-कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे. समर्थकों एवं भीड़ का उत्साह ऐसा था कि होटल से कचहरी चौक तक पहुँचने में भी चिराग को काफी वक़्त लग गया.

इस दौरान सभी ने पीएम मोदी, सांसद चिराग, केन्द्रीय मंत्री रामविलास एवं एनडीए गठबंधन के समर्थन में जोरदार नारे लगाये. भाजपा-लोजपा-जदयू के युवा कार्यकर्ता लगातार युवा सांसद चिराग का हौसलाअफजाई करते रहे.

सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रहे सुरक्षाकर्मी
वैसे तो पहले चरण का नामांकन 18 मार्च से ही शुरू हो गया था, लेकिन यह पहली बार हुआ जब सभी प्रत्याशियों ने एक ही दिन अपना नामांकन पत्र जमा किया. इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

जमुई मुख्य शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश को रोक दिया गया था, जबकि यात्री वाहनों को रास्ता बदल कर निकाला गया. मुख्य सड़क पर कई स्थानों पर बैरियर भी लगाये गए थे. सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी से अपनी कमान सम्भालते नजर आये. आचार संहिता उल्लंघन न हो इसके लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार स्वयं अलर्ट दिखे.
नामांकन दाखिल करने आये प्रत्याशियों के साथ उनके प्रस्तावकों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई, इस वजह से नेताओं के समर्थक और कार्यकर्ताओं को 100 मीटर बाहर ही रहना पड़ा.

विधि-व्यवस्था को बनाये रखने में एसडीएम लखीन्द्र पासवान एवं एसडीपीओ रामपुकार सिंह सक्रियता से जुटे रहे. समाहरणालय के भीतर-बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे.

नॉमिनेशन पत्रों की स्क्रूटिनी 26 मार्च को की जाएगी, जिसके उपरांत 27-28 मार्च को नामांकन वापस लिया जा सकेगा.