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  • ब्रह्माकुमारी संस्था के सहयोग से पांच संकुल स्तरीय संघों में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
  • 7 नवंबर तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में चलेगा अभियान

चकाई/जमुई। बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जमुई जिले में जीविका दीदियों द्वारा व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को चकाई प्रखंड के पांच संकुल स्तरीय संघों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर जीविका दीदियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम 'गांव का संकल्प' अभियान के तहत जीविका, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। चकाई के तिरंगा, हिंदुस्तान, आराधना, प्रगतिशील एवं उड़ान संकुल स्तरीय संघों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।

पांच संकुल संघों में चला जागरूकता अभियान
चकाई (तिरंगा संकुल), माधोपुर (हिंदुस्तान संकुल), चंद्रमंडीह (आराधना संकुल), कियाजोरी (प्रगतिशील संकुल) एवं बिछकोरवा (उड़ान संकुल) में आयोजित कार्यक्रमों में जीविका दीदियों को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर पिंटू कुमार, ब्रह्माकुमारी संस्था की बीके कृति दीदी, बीके खुशबू दीदी, बीके सीता दीदी एवं बीके रवि भाई ने सहभागिता की। वहीं जीविका जिला कार्यालय से प्रबंधक सामाजिक विकास रवींद्र कुमार, प्रबंधक संचार सुनीता कुमारी तथा चकाई के बीपीएम संजीव कुमार वर्मा सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को करता है प्रभावित
ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों ने आध्यात्मिक सत्र के माध्यम से नशामुक्त जीवन का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि व्यक्ति के मन, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। इसकी लत से परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है और पारिवारिक वातावरण में तनाव बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जब व्यक्ति खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लेगा, तभी परिवार, समाज और देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में सार्थक बदलाव संभव होगा।

इस दौरान जीविका दीदियों से अपने परिवार एवं आसपास के ग्रामीण समुदायों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की गई। महिलाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज के लोगों को भी नशे की बुराई से बचाने का संकल्प लिया।

7 नवंबर तक जिले के सभी प्रखंडों में चलेगा अभियान
'गांव का संकल्प' कार्यक्रम के तहत जमुई जिले के सभी 31 संकुल स्तरीय संघों में 2 से 7 नवंबर तक चरणबद्ध तरीके से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर को झाझा, 4 नवंबर को सोनो एवं गिद्धौर, 5 नवंबर को अलीगंज एवं सिकंदरा, 6 नवंबर को जमुई सदर तथा 7 नवंबर को बरहट एवं लक्ष्मीपुर प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान के माध्यम से जीविका दीदियां ग्रामीण समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने, महिलाओं की सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और नशामुक्त गांव के निर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए आगे आ रही हैं।