लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत हुआ आयोजन
जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार : भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ कार्यक्रम के तहत गुरुवार को जमुई में ‘प्रबुद्ध जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केसरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, पेशेवरों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नागरिकों से सीधा संवाद किया।
धारा 370, किसान आंदोलन और विपक्ष की भूमिका पर उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कश्मीर से धारा 370 हटाने, किसान आंदोलन, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और देश में कथित अराजक स्थिति जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की ओर से ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता तथा विपक्ष की भूमिका को लेकर भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं।
अराजकता फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की बात
मंत्री श्रेयसी सिंह ने सवालों का जवाब देते हुए कहा —
लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता फैलाकर देश को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सरकार कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है।
मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि ‘प्रबुद्ध जन संवाद’ का उद्देश्य बुद्धिजीवियों के माध्यम से विपक्ष की भूमिका और उसकी नीतियों पर चर्चा करना है। उन्होंने एसआईआर के विरोध का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष से सवाल करने की बात कही कि आखिर इस प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है। उनके अनुसार, मतदाता सूची की शुद्धता और घुसपैठ के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की कुछ गतिविधियां देश की स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा कर सकती हैं। उन्होंने बुद्धिजीवियों से ऐसे विषयों पर समाज के बीच जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
कई गणमान्य लोगों ने रखे विचार
संवाद कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रकाश कुमार भगत और कन्हैया सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री बृजनन्दन सिंह, कृष्णकांत मिश्रा, प्रो. महेश केसरी, प्रो. निरंजन दुबे, प्रो. अनिता केसरी, प्रो. बलवंत सिंह, प्रो. कल्पना सिंह, डॉ. श्रीराम चंद्रवंशी, अधिवक्ता प्रभात कुमार भगत, निरंजन सिंह, राजेंद्र मंडल, ओंकार वर्णवाल, अधिवक्ता गोपाल कृष्ण और साधना सिंह सहित कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।



