जमुई/बिहार। भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद एवं प्रख्यात उद्यमी आरके सिन्हा के निधन की खबर से जमुई के कायस्थ समाज में शोक की लहर है। शुक्रवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर जमुई जिले के कायस्थ समाज के लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाज के लोगों ने आरके सिन्हा के निधन को बिहार के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने संघर्ष, परिश्रम और दूरदर्शिता के बल पर राजनीति, उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल रहा है।
संघर्ष से बनाई राष्ट्रीय पहचान
22 सितंबर 1951 को बिहार के आरा जिले के बहियारा गांव में जन्मे आरके सिन्हा ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे और बिहार से राज्यसभा के सदस्य के रूप में देश की संसद में प्रतिनिधित्व किया।
राजनीति के साथ-साथ उन्होंने उद्योग जगत में भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। वे देश की प्रमुख निजी सुरक्षा एजेंसियों में शामिल एसआईएस (SIS) के संस्थापक थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव के साथ भाजपा संगठन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
जमुई के कायस्थ समाज ने दी श्रद्धांजलि
आरके सिन्हा के निधन पर जमुई के कायस्थ समाज की ओर से अभिषेक कुमार सिन्हा, डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, प्रवीण सिन्हा, संजय सिन्हा, धर्मवीर आनंद, प्रभात सिन्हा, भूपेंद्र सिन्हा, विकास सिन्हा, संजीव सिन्हा, सुशांत साईं सुंदरम, बबलू सिन्हा, नीरज सिन्हा, राजू सिन्हा, राजीव सिन्हा, निलेश कुमार, विवेक सिन्हा, अविनाश सिन्हा, उमाशंकर प्रसाद, राकेश रंजन, अंजनी सिन्हा, रितेश सिन्हा एवं सत्येंद्र शंकर सिन्हा सहित कई लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की।
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा –
आरके सिन्हा का व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से समाज ने एक अनुभवी मार्गदर्शक और बिहार ने एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को खो दिया है।
पटना में होगा अंतिम संस्कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया जाएगा। यहां अन्नपूर्णा भवन में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।



