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सोमवार, 28 सितंबर 2026

किऊल नदी को कचरे से मुक्त करने उतरे युवा, 1 घंटे के श्रमदान में घाट से निकाला करीब 1 क्विंटल कचरा

  • विश्व नदी दिवस पर पतनेश्वर घाट में चला स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान
  • युवाओं ने लोगों को नदी संरक्षण के प्रति किया जागरूक

जमुई/बिहार, 28 सितंबर 2026, सोमवार : सेवा केवल शब्दों और नारों तक सीमित नहीं, बल्कि जब समाज के लोग स्वयं आगे बढ़कर धरातल पर श्रम करते हैं, तभी सेवा की भावना सार्थक होती है। इसी सोच को साकार करते हुए सेवा पखवाड़ा के तहत विश्व नदी दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत, जमुई एवं साईकिल यात्रा एक विचार, जमुई से जुड़े युवाओं ने पतनेश्वर घाट स्थित किऊल नदी परिसर में विशेष स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान चलाया। अभियान के दौरान युवाओं ने नदी और घाट परिसर में फैले प्लास्टिक, पॉलीथिन सहित अन्य कचरे को एकत्र कर नदी को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया।

बताया गया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के साथ-साथ आम लोगों में नदी, पर्यावरण और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।

560वीं साईकिल यात्रा के दौरान लिया स्वच्छता का संकल्प
अभियान साईकिल यात्रा एक विचार, जमुई की 560वीं रविवारीय यात्रा के क्रम में आयोजित किया गया। यात्रा दल पतनेश्वर धाम पहुंचा, जहां मेरा युवा भारत से जुड़े युवाओं के साथ मिलकर नदी, घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।

युवाओं ने करीब एक घंटे तक सामूहिक श्रमदान करते हुए नदी एवं घाट परिसर में जमा कचरे को बाहर निकाला। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट एकत्र किए गए। आयोजकों के अनुसार, लगभग एक क्विंटल कचरा नदी परिसर से बाहर निकाला गया। युवाओं के इस प्रयास से घाट परिसर की तस्वीर में भी बदलाव देखने को मिला।

नदी में कचरा नहीं डालने की अपील
स्वच्छता अभियान के दौरान युवाओं ने घाट पर आने वाले लोगों और आसपास के नागरिकों को नदी में कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक किया। लोगों से अपील की गई कि पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों अथवा अन्य गतिविधियों के दौरान निकलने वाले कचरे को नदी में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थान पर रखा जाए।

युवाओं ने कहा कि किऊल नदी केवल पानी का प्रवाह नहीं, बल्कि जमुई की प्राकृतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे स्वच्छ रखना केवल किसी एक संस्था या अभियान की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वच्छता अभियान के साथ पतनेश्वर धाम परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। युवाओं ने परिसर में पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पौधे को नियमित रूप से पानी देना, उसकी सुरक्षा करना और उसे पेड़ बनने तक देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।

अभियान से जुड़े सदस्यों ने कहा कि नदी संरक्षण और पौधारोपण एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं। जलस्रोतों के संरक्षण के लिए आसपास का प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।

किऊल नदी को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी : राजीव पांडे
कार्यक्रम के दौरान पतनेश्वर मंदिर के पुजारी राजीव पांडे ने कहा कि किऊल नदी जमुई की प्राकृतिक पहचान और जनजीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। नदी में प्लास्टिक और कचरा डालना केवल जल को प्रदूषित करना नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि विश्व नदी दिवस को केवल एक दिन नदी की चर्चा करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। नदी और जलस्रोतों की स्वच्छता तथा संरक्षण के लिए वर्षभर सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। घाट और नदी परिसर को स्वच्छ रखना श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों की साझा जिम्मेदारी है।

युवाओं की भागीदारी से बदलेगा व्यवहार : हर्ष कुमार सिन्हा
मेरा युवा भारत से जुड़े युवा हर्ष कुमार सिन्हा ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और सामाजिक जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल किसी एक स्थान की सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं आगे बढ़कर नदी किनारे सफाई करेंगे, पौधे लगाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे, तब स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को मजबूती मिलेगी। युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के अन्य लोगों को भी सार्वजनिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित कर सकती है।
अभियान में बड़ी संख्या में युवा रहे मौजूद
स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान में साईकिल यात्रा एक विचार से जुड़े गोलू, शिवम कुमार, अभिनव दुबे, शांतनु सिंह, विवेक कुमार, राजीव कुमार पांडेय, लड्डू मिश्रा, विशाल सिंह, पंकज कुमार, केपी शौर्य, हर्ष कुमार सिन्हा, पाखी कुमारी, राम सहित मेरा युवा भारत से जुड़े कई युवा उपस्थित रहे।

अभियान के अंत में युवाओं ने किऊल नदी और पतनेश्वर घाट को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाने तथा भविष्य में भी ऐसे श्रमदान कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

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