- सावन की अंतिम सोमवारी पर सामने आया मामला
- आस्था और वैज्ञानिक कारणों को लेकर तेज हुई चर्चा
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 27 अगस्त 2026, गुरुवार : सावन की अंतिम सोमवारी पर गिद्धौर स्थित करीब सौ वर्ष पुराने पंच मंदिर में नंदी महाराज की प्रतिमा द्वारा जल ग्रहण किए जाने के दावे ने श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता और चर्चा बढ़ा दी है। सोमवार की देर शाम नंदी प्रतिमा को चम्मच से जल अर्पित करने के दौरान पानी प्रतिमा द्वारा ग्रहण किए जाने का दावा किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, एक महिला द्वारा नंदी महाराज की प्रतिमा को जल अर्पित किए जाने के दौरान यह घटना सामने आई। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने भी चम्मच से प्रतिमा को जल अर्पित कर इसे देखने का प्रयास किया। कई श्रद्धालुओं का दावा है कि चम्मच से अर्पित किया गया पानी प्रतिमा के मुख के समीप धीरे-धीरे गायब होता दिखाई दिया।
पांच चम्मच जल अर्पित करने का किया दावा
मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि उसने नंदी महाराज की प्रतिमा को लगातार पांच चम्मच जल अर्पित किया और उसे ऐसा अनुभव हुआ कि प्रतिमा ने सभी चम्मचों का जल ग्रहण कर लिया। इस दावे की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग पंच मंदिर पहुंचने लगे और स्वयं नंदी प्रतिमा को जल अर्पित कर घटना को देखने लगे।
सोमवार की देर शाम से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। इस दौरान महादेव और नंदी महाराज के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई।
आस्था और विज्ञान के बीच छिड़ी चर्चा
इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसे अपनी धार्मिक आस्था और भगवान भोलेनाथ की महिमा से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसके पीछे संभावित वैज्ञानिक कारणों की भी चर्चा कर रहे हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पत्थर की सतह पर मौजूद सूक्ष्म छिद्रों, महीन दरारों, सतह तनाव और पानी के केशिका प्रभाव जैसी प्रक्रियाओं के कारण कम मात्रा में जल के धीरे-धीरे फैलने या सतह से खिंचने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, पंच मंदिर की नंदी प्रतिमा में दिखाई दे रही इस विशेष घटना की किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच या आधिकारिक परीक्षण की पुष्टि नहीं हुई है।
वर्ष 1995 की घटना से हो रही तुलना
इस घटना के बाद कई लोग वर्ष 1995 में देशभर में गणेश प्रतिमाओं द्वारा दूध ग्रहण किए जाने के दावों को भी याद कर रहे हैं। उस समय भी आस्था और वैज्ञानिक व्याख्याओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी।
फिलहाल गिद्धौर के पंच मंदिर में नंदी महाराज की प्रतिमा को जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और प्रतिमा के समक्ष जल अर्पित कर रहे हैं।
हालांकि, नंदी प्रतिमा द्वारा जल ग्रहण किए जाने के चमत्कार संबंधी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस घटना को लेकर आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक जांच और तथ्यात्मक दृष्टिकोण से भी चर्चा जारी है।








