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अलीगंज : मृत प्रसुता के परिजनों ने SP को दिया आवेदन, प्रसाशन से है न्याय की उम्मीद


अलीगंज | चंद्रशेखर सिंह】:-

जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अन्तर्गत अलीगंज बाजार के एक नीजि क्लिनिक में प्रसुता की मौत मामले में मृतका के परिजन जमुई पुलिस कप्तान जे. रेडडी को एक आवेदन देकर बिना पंजीकरण चल रहे आरोग्य सेवा क्लिनिक के संचालक सह डॉक्टर एस. कुमार पर प्रसुता मौत पर न्याय की गुहार लगाई है।


मंगलवार को परिजनों द्वारा एसपी को दिए आवेदन में कहा गया कि आरोग्य सेवा क्लिनिक के संचालक सह डॉक्टर एस. कुमार न तो एमबीबीएस और न ही एम एस डिग्रीधारक है,  फिर भी अलीगंज में उसके द्वारा सीजेरियन ऑपरेशन कर मरीजों के परिजनों से मोटी रकम की उगाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्जन बताकर लोगों को आर्थिक व मानसिक क्षति पहुंचाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
मृतक प्रसुता के परिजनों ने जमुई एस.पी. जे.रेड्डी से आवेदन में कहा कि चंद्रदीप थाना में दिये आवेदन जांच कर ऐसे डॉक्टर पर हत्या की मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बताया जाता है किसी भी मरीज को ऑपरेशन करने के पहले कई नियम है।  सभी उपकरण व संसाधन से लैस एक टीम गठन के बाद ही बड़ी सर्जरी की जानी चाहिए। इन दिनों अलीगंज बाजार में निजी क्लिनिक पर दर्जनों मरीजों को बड़े से बड़े सर्जरी कर बिना डिग्रीधारी चिकित्सक के द्वारा ऑपरेशन कर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है।
बता दें कि अलीगंज -सिकंदरा मुख्य स्थित आरोग्य सेवा क्लिनिक  में एक प्रसुता की मौत डॉ. एस कुमार की लापरवाही व गलत सुई दिये जाने के कारण ऑपरेशन थियेटर में ही हो गया था। मानवीय संवेदना को तार-तार कर डॉ. एस. कुमार ने अपने ऐमबुलेंस से प्रसुता के परिजनों को कुछ बताये बिना मरीज की हालत दयनीय बताकर ऑपरेशन के नाम पर 60,000 रूपये जमा करवा लिया गया। परिजनों ने बताया कि जबरन नवादा के पास क्लिनिक में उतारकर ऐमबुलेंस लेकर डॉ. के सहयोगी वाहन लेकर फरार हो गया। परिजनों ने यह भी बताया कि डॉ. उक्त मरीज के चिटठा व जांच कापी के सारे कागजात भी अपने पास रख लिया। मृतक के पति अभिमन्यु गुप्ता ने चंद्रदीप थाना में डॉ. पर गलत सुई व लापरवाही कर प्रसुता को जान बूझकर मौत की बलि चढ़ा देने का मामला दर्ज कराया था।
इधर मंगलवार को जमुई एस पी ऑफिस में आवेदन सौपने आये मृतक के परिजन ने नम आंखों से बताया कि अब जिला प्रसाशन से ही उम्मीद है कि वे मामले की निष्पक्ष जांचकर दोषियों को सख्त सजा देंगे, ताकि कोई अन्य इस तरह के मार्मिक घटना का शिकार न हो सके।