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गिद्धौर : सेंट्रल स्कूल के निदेशक हुए सम्मानित, बुद्धिजीवियों ने दी बधाई

[न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा] :-

हमारे समाज के निर्माण में अध्यापक की एक अहम भूमिका होती है। वो शिक्षक ही होते हैं जो विद्यार्थियों के मन मस्तिष्क में नैतिकता सह जिम्मेदार नागरिक और व्यक्तित्व को निखारने में अपना योगदान देते हैं। उसी शिक्षक को जब कोई अवार्ड या सम्मान मिले तो उनके कार्य करने की क्षमता में कई गुणा इजाफा हो जाता है। इसके साथ ही और बेहतर करने की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।


जमुई जिले के प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक गिद्धौर सेंट्रल स्कूल के निदेशक अमर सिंह को पटना स्थित बीआईए हॉल में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए अवार्ड मिला। मंगलवार को इसकी सूचना मिलते ही विद्यालय परिवार में खुशी छा गयी।
मौका था आईओए एवं प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप अवार्ड समारोह का जहां सूबे के चयनित 54 छात्रों को ₹12000/- की स्कॉलरशिप दी गई। इस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि अभयानंद, कलिंगा यूनिवर्सिटी के रजिस्टरार डॉ. संदीप गांधी, प्राइवेट स्कूल एन्ड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के शामयल अहमद ने संयुक्त रूप से किया था।


क्षेत्र का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला पोर्टल gidhaur. com से हुई खास बातचीत में निदेशक अमर सिंह ने कहा कि राष्ट्र व नये समाज निर्माण में देश के भावी कर्णधारों के भावनाओं में देशहित के प्रति तत्पर और समर्पित रहने का भाव उकेरने के तहत कई शिक्षकों का अमूल्य सहयोग रहा है। इसी विचारधारा के साथ आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाने में एसोसिएशन के प्रति में सदैव समर्पित हूँ। श्री सिंह ने एसोसिएशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अवार्ड से काम करने का हौसला तो बढ़ा, साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उन्होंने इस अवार्ड का श्रेय अपने विद्यालय परिवार को दिया।
श्री सिंह के इस उपलब्धि पर शिक्षाविद दया नाथ झा, वरिष्ठ पत्रकार अभय कुमार सिंह, एसोसिएशन के सुप्रीमो लक्ष्मण झा, शिक्षक शिवेंद्र रावत, संत लाल, रंजीत साव, सुजीत कुमार, संदीप राउत, शिक्षिका बबीता झा, काजल कुमारी, राखी पॉल, तन्नु कुमारी, अर्चना मिश्र, सहित समारोह में आये कई बुद्धिजीवियों ने निदेशक अमर सिंह को बधाई दी।
पाठकों को बताते चलें, गिद्धौर सेंट्रल स्कूल के निदेशक अमर सिंह का शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान तो है ही सामाजिक कार्यों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पिछले 15 वर्षों से ये शिक्षा के साथ सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेते रहे हैं।