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शारदा घोटाले में मतंग को फंसाया गया : ममता

ममता ने कहा है कि जो लोग भाजपा में शामिल हो गए हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई...

पटना (अनूप नारायण) : जनकल्याण क्षत्रिय युवा मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह को राजनीतिक विशेषता के कारण शारदा घोटाले में फंसाए जाने के मामले को उठाया है. कोलकाता में पुलिस कमिश्नर के घर सीबीआई छापामारी के बाद धरना पर बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतंग को लेकर बयान दे डाला. ममता ने कहा है कि राजनीतिक विशेषता के कारण पूर्व केन्द्रीय मंत्री मतंग सिंह को सारदा घोटाले में फसाया गया है. साथ ही साथ उनकी पार्टी के दो सांसदों को भी फसाया गया. जो लोग भाजपा में शामिल हो गए हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है. यह बात साफ हो गया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और असम से राज्यसभा के पूर्व सांसद मतंग सिंह को सारदा घोटाले में राजनीतिक विशेषता के कारण फसाया गया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरना स्थल पर कहा कि एक पूर्व केंद्रीय मंत्री को राजनीतिक साजिश के कारण केंद्र सरकार ने शारदा घोटाले में फसाया. मतंग सिंह मुल रूप से बिहार के रहने वाले और असम से राज्यसभा के सांसद बने थे तथा कि केन्द्र सरकार में मंत्री बने थे. सामाजिक उत्थान के कार्य में पूरी सक्रियता से लगे मतंग सिंह को गलत मामले में फंसाए जाने के मामले उठाते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मतंग सिंह को असम मे विधानसभा चुनाव के कारण भाजपा ने फसाया है.

गौरतलब है कि ऊपरी असम मे मतंग सिंह का बहुत प्रभाव रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  के द्वारा सवाल ऊठाए जाने के बाद बिहार में भी कई राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
जनकल्याण क्षत्रिय युवा मंच के बिहार प्रभारी राजीव कुमार सिंह
इस मामले को लेकर बिहार में  उनके समर्थकों में उबाल है. जनकल्याण क्षत्रिय युवा मंच ने मतंग सिंह को सारदा घोटाले में फंसाए जाने के मामले को लेकर पूरे बिहार में जन आंदोलन छेड़ने की बात कही है. संगठन के बिहार प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि कि मतंग सिंह मुल रूप से  बिहार के रहने वाले है. काफी संघर्ष कर इन्होंने राजनीति में अपना मुकाम बनाया है. इनकी छवि को धूमिल करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. इनके संस्थानों पर सीबीआई द्वारा रेड डाला गया. न्यायालय के आदेश के बाद भी केंद्र सरकार जानबूझकर अपने विरोधियों को सीबीआई के माध्यम से प्रताड़ित कर रही है. यह भारतीय राजनीति के लिए काफी घातक है.