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गिद्धौर : देवोत्थान एकादशी व्रत संपन्न, देवताओं को जगाने का किया प्रयास


{गिद्धौर | अभिषेक कुमार झा}:-

प्रखंड क्षेत्र में सोमवार की देर संध्या एकादश जेठान व्रत नियम-निष्ठा के साथ संपन्न हुआ।
व्रतकर्ताओं ने अपने-अपने घरों में अमृत से उत्पन्न ईश सुगंध शाम में ईख को घर के आंगन में खड़ा कर के भगवान विष्णु की पूजन अर्चना की। साथ ही घंटी, शंख आदि बजा कर निंदावस्था से उन्हें जगाने का प्रयत्न किया।
वहीं ईख के नीचे पांच दीपक जलाकर धूप आदि से हवन कर जीवन में सुख शांति की कामना की गई।


बताया जाता है कि, यह व्रत करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। किसी भी धार्मिक उपासना नहीं करने पर भी मात्र एकादशी व्रत करने से सद्गति की प्राप्ति होती है।
इस संदर्भ में पंडित कृष्ण मुरारी झा बताते हैं कि वर्ष में चौबीस एकादशी होते हैं, परंतु कार्तिक शुक्ल पक्ष का कुछ विशेष महत्व है। इसे देवोत्थान एवं हरिकवोधनी एकादशी कहते हैं।
मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु के साथ साथ समस्त देवतागण निंदावस्था से जगते हैं। वहीं हिन्दू दर्शन के अनुसार इस दिन से विवाह संस्कार आषाढ़ शुक्ल दशमी तक जारी रहता है।