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सिमुलतला : अवैध वसूली के खेल से यात्री परेशान, रेलवे स्टेशन पर काटा बवाल


{सिमुलतला | बीरेन्द्र कुमार}:-
बुकिंग क्लर्क निरंजन कुमार के द्वारा वसूली को लेकर बुधवार को सिमुलतला रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर पर यात्रियों ने बबाल काटा।


मौके पर पहुंचे पूर्व जिलापार्षद सह झाझा व्यापार मंडलाध्यक्ष श्रीकांत यादव यात्रियों को समझाते हुए स्टेशन प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर बुकिंग क्लर्क को अभिलम्ब हटाने की मांग करते हुए रेल के वरीय अधिकारियों को भी दूरभाष पर जानकारी दिया। श्री यादव ने कहा अविलंब बुकिंग क्लर्क को निलंबित करते हुए आवश्यक कार्रवाही नहीं कि गई तो सिमुलतला में रेल का चक्का जाम कर दिया जाएगा।

 मालूम हो कि उक्त बुकिंग क्लर्क पर पूर्व में भी कई दफा जेनेरल एवं आरक्षित टिकट में यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूली का आरोप लगता आया हैं।स्टेशन पर हो रही इस मनमानी के विरुद्ध श्रीकांत यादव द्वारा इसकी शिकायत भी रेल के वरीय अधिकारियों से किया गया।

इस संदर्भ में स्टेशन पर उपस्थित कयूम अंसारी, विनोद सिंह, चंदन शर्मा, कुलदीप यादव, राजीव गुप्ता, बांके बिहारी, वरुण यादव सहित दर्जनों यात्रियों ने शिकायत किया कि स्टेशन में कार्यरत बुकिंग कर्मचारी स्थानीय कुछ बिचौलियों से तालमेल कर तत्काल टिकट में जमकर मनमानी करते है। बुधवार को मिलने वाली तत्काल टिकट के लिए मंगलवार को ही हमलोगों ने नम्बर लगाया था।टिकट मिलने से स्टेशन पर हो रही इस मनमानी के विरुद्ध श्री यादव द्वारा इसकी शिकायत भी रेल के वरीय अधिकारियों से किया गया।

इस संदर्भ में स्टेशन पर उपस्थित कयूम अंसारी, विनोद सिंह, चंदन शर्मा, कुलदीप यादव, राजीव गुप्ता, बांके बिहारी, वरुण यादव सहित दर्जनों यात्रियों ने शिकायत किया कि स्टेशन में कार्यरत बुकिंग कर्मचारी स्थानीय कुछ बिचौलियों से तालमेल कर तत्काल टिकट में जमकर मनमानी करते है।बुधवार को मिलने वाली तत्काल टिकट के लिए मंगलवार को ही हमलोगों ने नम्बर लगाया था। टिकट मिलने से कुछ समय पहले बुकिंग कर्मचारी निरंजन कुमार द्वारा जैसे ही टिकट का फार्म काउंटर के भीतर लिया गया, उसके बाद भीतर में ही सबका फार्म उलट पलट कर दिया गया, जिसका एक नम्बर में फार्म था उसका बारह नम्बर में चला गया।पूछने पर उक्त कर्मचारी द्वारा गाली गलौज कर यह भी कहा गया कि तुमलोगों को जो करना है कर लो जहां शिकायत करना है करो, मेरा कुछ नही बिगड़ेगा। यहां का पैसा ऊपर तक पहुंचता है।
यात्रियों का कहना था कि सिमुलतला के कुछ युवक के घर का चूल्हा तत्काल टिकट में बिचौलियागिरी से ही जलता है। सिमुलतला से प्रदेश के अन्य प्रांतों के लिए लंबी सफर तय करने वाले कोई भी आम यात्री को यदि तत्काल टिकट लेना होता है तो वो टिकट काउंटर से संपर्क नही करते है, बल्कि यहां सक्रिय कुछ बिचौलियों के पास टिकट का फार्म भरते है और बिचौलियों के निर्देशानुसार यात्री टिकट काउंटर पर खड़ा होते है और उन्हें कन्फर्म टिकट प्राप्त हो जाता है। बुकिंग कर्मचारी एवं बिचौलियों की गहरी तालमेल से टिकट काउंटर पर यात्रियों से निर्धारित राशि ही वसूला जाता है लेकिन टिकट निकलने से पहले ही अवैध उगाही की राशि अलग से बिचौलियों द्वारा स्टेशन परिसर से बाहर वसूल लिया जाता है, और फोनिक रूप से या किसी गुप्त स्थान पर मिलकर बिचौलिये इसकी सूचना बुकिंग कर्मचारी को दे देते है।

यात्रियों के अनुसार, बिचौलियों के माध्यम से टिकट कटाने से प्रति व्यक्ति से पांच सौ से साथ सौ रुपए वसूला जाता है, इस हिसाब से यदि जोड़ा जाय तो एक टिकट में चार यात्रीयों का नाम शामिल रहता है और प्रत्येक दिन तत्काल टिकट में पांच से छः टिकट तक निर्गत हो जाता है। यदि सारे यात्रियों से की गई अवैध वसूली को जोड़ा जाय तो एक दिन में बारह से सतरह हजार रुपए की उगाही यहां के बिचौलिए करते है और यही कारण है कि यहां पर बिचौलियों के रहमोकरम के बिना यात्रियों का टिकट मिलना नामुमकिन है। लिहाजा बराबर स्टेशन पर यात्रियों का हंगामा होना आम बात हो गई है।कई दफा रेल प्रशासन द्वारा यहां पर बिचौलियों को खदेड़ने की कोशिश की गई लेकिन बुकिंग समय पहले बुकिंग कर्मचारी निरंजन कुमार द्वारा जैसे ही टिकट का फार्म काउंटर के भीतर लिया गया, उसके बाद भीतर में ही सबका फार्म उलट पलट कर दिया गया, जिसका एक नम्बर में फार्म था उसका बारह नम्बर में चला गया।

पूछने पर उक्त कर्मचारी द्वारा गाली गलौज कर यह भी कहा गया कि तुमलोगों को जो करना है कर लो जहां शिकायत करना है करो, मेरा कुछ नही बिगड़ेगा. यहां का पैसा ऊपर तक पहुंचता है. यात्रियों का कहना था कि सिमुलतला के कुछ युवक के घर का चूल्हा तत्काल टिकट में बिचौलियागिरी से ही जलता है।सिमुलतला से प्रदेश के अन्य प्रांतों के लिए लंबी सफर तय करने वाले कोई भी आम यात्री को यदि तत्काल टिकट लेना होता है तो वो टिकट काउंटर से संपर्क नही करते है, बल्कि यहां सक्रिय कुछ बिचौलियों के पास टिकट का फार्म भरते है. और बिचौलियों के निर्देशानुसार यात्री टिकट काउंटर पर खड़ा होते है और उन्हें कन्फर्म टिकट प्राप्त हो जाता है. बुकिंग कर्मचारी एवं बिचौलियों की गहरी तालमेल से टिकट काउंटर पर यात्रियों से निर्धारित राशि ही वसूला जाता है लेकिन टिकट निकलने से पहले ही अवैध उगाही की राशि अलग से बिचौलियों द्वारा स्टेशन परिसर से बाहर वसूल लिया जाता है, और फोनिक रूप से या किसी गुप्त स्थान पर मिलकर बिचौलिये इसकी सूचना बुकिंग कर्मचारी को दे देते है।

यात्रियों के अनुसार, बिचौलियों के माध्यम से टिकट कटाने से प्रति व्यक्ति से पांच सौ से साथ सौ रुपए वसूला जाता है, इस हिसाब से यदि जोड़ा जाय तो एक टिकट में चार यात्रीयों का नाम शामिल रहता है और प्रत्येक दिन तत्काल टिकट में पांच से छः टिकट तक निर्गत हो जाता है।यदि सारे यात्रियों से की गई अवैध वसूली को जोड़ा जाय तो एक दिन में बारह से सतरह हजार रुपए की उगाही यहां के बिचौलिए करते है और यही कारण है कि यहां पर बिचौलियों के रहमोकरम के बिना यात्रियों का टिकट मिलना नामुमकिन है। लिहाजा बराबर स्टेशन पर यात्रियों का हंगामा होना आम बात हो गई है।कई दफा रेल प्रशासन द्वारा यहां पर बिचौलियों को खदेड़ने की कोशिश की गई लेकिन बुकिंग कर्मचारियों के गोपनीय सहयोग से प्रशासन को सफलता हाथ नही लगी। 



इस संदर्भ में सीनियर डीसीएम आसनसोल रेल मंडल के ए उपाध्याय ने कहा कि मुझे पूर्व से इस बात की जानकारी नही थी, मामले की गंभीरता पूर्वक जांच करवाकर रेल टिकट के काले कारोबार में शामिल बिचौलियों के विरुद्ध सख्त कर्रवाई किया जाएगा, साथ ही इस कारोबार में किसी भी रेल कर्मचारियों को शामिल होनें का आरोप सिद्ध होता है तो विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई होगी।