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चकाई : श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं माखन चोरी प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए भक्त


{चकाई | श्याम सिंह तोमर}:-

प्रखंड के कोराने गांव में विनोद पांडेय उर्फ गुड्डू पांडेय के आवास पर आयोजित कार्तिक उद्यापन सह श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन प्रयागराज से आये कथाव्यास श्री स्नेही जी महाराज ने सम्पूर्ण रामचरित मानस का संक्षिप्त वर्णन करते हुए रधुकुल के राजा दशरथ के चार पुत्रों की कथा सुनाई। साथ ही बासुदेव देवकी के विवाह का प्रसंग व श्रीकृष्ण जी के जन्म एवं वाल लीलाओं के प्रसंग सुनाए। 

आयोजित भागवत कथा में श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं पर कलाकारों द्वारा आधारित प्रस्तुत झांकी प्रस्तुत करते हुए कथा वाचक स्नेही जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रत्येक रूप मनोहारी है, उनका बालस्वरूप तो इतना मनमोहक है कि वह बचपन का एक आदर्श बन गया है। इसीलिए जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के इसी रूप की पूजा-अर्चना की जाती है,जिसमें वे चुराकर माखन खाते हैं, गोपियों की मटकी तोड़ते हैं और खेल-खेल में असुरों का सफाया भी कर देते हैं। 
 इसी प्रकार उनकी रासलीला, गोपियों के प्रति प्रेम वाला स्वरूप भी मनमोहक है.इसी प्रकार उनका योगेश्वर रूप और महाभारत में अर्जुन के पथ-प्रदर्शक वाला रूप सभी को लुभाता और प्रेरणा देता है। अपनी लीलाओं में वे माखनचोर हैं, अर्जुन के भ्रांति-विदारक हैं, गरीब सुदामा के परम मित्र हैं, द्रौपदी के रक्षक हैं, राधाजी के प्राणप्रिय हैं, इंद्र का मान भंग करने वाले गोवर्धनधारी हैं. उनके सभी रूप और उनके सभी कार्य उनकी लीलाएं हैं. उनकी लीलाएं इतनी बहुआयामी हैं कि उन्हें सनातन ग्रंथों में लीलापुरुषोत्तम कहा गया है.बीते 15 नवंबर से आयोजित श्री मद भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं।

पहले दिन कलाकारों द्वारा शुकदेव पूजन,शिव-पार्वती विवाह,हिरण्यकश्यप वध,प्रह्लाद चरित्र नरसिंह अवतार,श्री कृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव की झांकियां प्रस्तुत की गई वही कथा के साथ ईश्वर के रूप में मनोरंजक प्रस्तुति भी गयी.भागवत कथा में श्रीकृष्ण की लीलाओं को सजीव चित्रण के साथ स्नेही जी महाराज के भजनों के बीच भक्तिभाव से प्रस्तुत किया गया।

वहीं श्रीकृष्ण लीला के साथ ही गोवर्धन लीला और छप्पन भोग का भव्य आयोजन भी कथा में हुआ.कथा के मुख्य यजमान श्यामनन्दन पांडेय एवं शांति देवी सहित पूरा पांडेय परिवार के साथ ही गोवर्धन लीला व छप्पन भोग उत्सव में कोराने गांव के श्रद्धालू शामिल रहे। इस अवसर पर शिव के रूप में गुड्डू पांडेय,पार्वती के रूप में अनिता पांडेय,प्रह्लाद के रूप में प्रणव पांडेय,सीता के रूप में श्रेया पांडेय,राम के रूप में अमीषा पांडेय,लक्ष्मण के रूप में अंजली पांडेय ने कथा के दौरान नाट्य रूपांतरण कर झांकिया प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं भोजपुरी भजन गायक त्रिलोकी नाथ पांडेय द्वारा प्रस्तुत भजन से श्रोता मग्न मुग्ध हो गए।