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सिमुलतला : यहां के मां दुर्गा की अराधना से घर में गूंजते हैं किलकारियां

सिमुलतला (बीरेंद्र कुमार):-

पौराणिक आस्था, विश्वास एवं आकर्षक को लेकर क्षेत्र के 20-25 किमी की परिधि में यह दुर्गा मंदिर स्थित है।

प्रखंड मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर स्थित सिमुलतला थाना क्षेत्र के टेलवा पंचायत के टेलवा बाजार अवस्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर लगभग 150 साल पुराना बताया गया है।  यहां जमुई जिले के अलावे बांका एवं झारखंड राज्य के श्रद्धालु पूजा अर्चना को पहुंचते है। यहां के बुजुर्ग बताए है कि इस मंदिर की महिमा अपरंपार है। यहां जो भी भक्त सच्चे दिल से अपनी मुरादे मांगते है, मां उस भक्त की पुकार अवश्य सुनती है। खासकर यह मां पुत्रदायनी का वरदान देकर हजारों घरों में बच्चे की किलकारियां गूंजने की वरदान दे चुकी है। यहां भारी संख्या में छात्र छात्राएं भी आकर मन्नते मांगते है। मान्यता यह है कि मां के दरवार में सच्ची सेवा और भक्ति करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

         मंदिर का निर्माण टेलवा के भूतपूर्व राजा रंजीत नारायण सिंह के पत्नी रानी तारा कुमारी के द्वारा बनवाया गया। राजा के बंसज रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह दुर्गा मंदिर यहां से पहले गादी टेलवा में था, मेरा पूर्वज राजा रंजीत सिंह के मृत्यु के बाद रानी तारा कुमारी टेलवा में आकर बस गयी, और उसी समय गिद्धौर के राजा से केस भी चल रहा था। रानी ने मन्नते मांगी थी कि यदि केस जीत जाऊंगी तो मंदिर का निर्माण करवाउंगी, तो रानी केस जीत गई और उसी समय मंदिर का निर्माण कराया गया। 

    ‎रानी के द्वारा मंदिर स्थापित करने के कारण उसके बंसज   यदुनंदन सिंह, श्याम सिंह, प्रकाश नारायण सिंह, पंचम सिंह, नीरज सिंह, राजकुमार सिंह  क्षेत्र के भक्तो के सहयोग से  माता का पूजा अर्चना एवं बलि प्रथा को निभाते आ रहे है। रानी का पौत्र रंजीत सिंह ने बताया कि टेलवा के करीब 20-25 किमी की क्षेत्र के भक्तों द्वारा बकरे की बलि दी जाती है,  यहां लगभग पांच से छः सौ बकरे की बलि दी जाती है। 


         यहां सप्तमि  की मध्य रात्रि से क्षेत्र के महिला श्रद्धालुओं द्वारा दण्डवत दिया जाता है और अष्टमी के पूरा दिन यह सिलसिला चलते रहता है। महा अष्टमी की मध्य रात्रि से बकरे की बलि दी जाती है, एवं दशमी के दिन  मेले का आयोजन किया जाता है। सप्तमी, अष्टमी एवं दसमी के दिन स्थानीय प्रशासन के द्वारा सुरक्षा का काफी पुख्ता इंतजाम किया जाता है, इस बार के मेले में पूजा कमिटी की ओर से दो एवं पुलिस की औओ से भीड़ पर नियंत्रण में रखने को लेकर सीसीटीवी कैमरा मेले में लगाया जाएगा। 

         ‎पूजा समिति के  अध्यक्ष रंजीत सिंह, सचिव घनश्याम लाल, कोषाध्यक्ष विनय वर्णवाल एवं पंचम सिंह, सदस्य राजेन्द्र गुप्ता, जयकुमार लाल,बीरेंद्र वर्णवाल, देवेंद्र प्रसाद, पुरुषोत्तम गुप्ता, आशीष कुमार, सुबोध वर्णवाल(लप्पू) सहित कुल 25 सदस्य इस मेले के आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे है। इस पूजा समिति के अनुज्ञप्ति राजकुमार सिंह के नाम से निर्गत किया गया है। 


इस मंदिर के पुजारी चकाई निवासी पंडित राम कृष्ण उपाध्याय कहते हैं कि माता के दरबार में हमारे पूर्वज ही पूजा पाठ करते आ  रहे है।रानी ने माता की सेवा करने के लिए सभी सेवकों को जीवन यापन के लिए भूमि दान भी दिया है।