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शांति-सद्भावना का संदेश देने जमुई पहुंची 'बातें अमन की' टीम

[न्यूज डेस्क | दयानन्द साव]
4 अक्टूबर को अशोक टाउन हॉल, जमुई में बाल साथी, राइड फोर जेन्डर फ्रीडम, एस सी एन बख्तियारपुर, बातें अमन की तथा समग्र सेवा समिति जमुई के तत्वावधान में "बातें अमन की" शांति संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें महिला-पुरुष सहित कुल 129 लोगों ने भाग लिया. सर्वप्रथम कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया और स्कूली बच्चियों ने स्वागत गान से सभी आगंतुकों का स्वागत किया.
बता दें कि इस कार्यक्रम के माध्यम से "बातें अमन की" टीम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शांति संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने का काम कर रही है. यह कार्यक्रम एक वर्ष तक चलेगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से यह बताया गया कि गांधीजी के अनुसार शांति सद्भावना का का अर्थ था कि हमें एक दूसरे के साथा अच्छी भावना रखनी चाहिए, भाईचारे जैसा व्यव्हार होना चाहिए, लेकिन आज के वर्तमान परिस्थिति मे लोग एक दूसरे को गलत नजर से देख रहे हैं. घर परिवार से लेकर देश कि स्थिति विचित्र है. धर्म, जाति, अमीर, गरीब, लिंगभेद की मानसिकता बनाकर एक दूसरे को गलत नजर से देखा जा रहा है. इस मौके पर महात्मा गांधी के अधूरे सपने को पूरा करने और उनके बताए गये आदर्शों पर चलने के संदेश के महत्व पर जोर दिया गया.
कार्यक्रम के अंत मे सभी लोगो ने यह शपथ लिया कि मैं अपने मन, कर्म और वचन से किसी प्रकार का हिंसा एक दूसरे के उपर नहीं करूँगा, जिससे हमारा घर, परिवार और समाज खंडित होकर कमजोर हो जाये.
कार्यक्रम में "बातें अमन की" टीम से प्रतिभा (भागलपुर), पूजा देवी (उत्तराखंड), अमित यादव, कमला कुमारी, मंजीला देवी (गुजरात), मिनाक्षी सिंह (उड़ीसा), रौशनी गोस्वामी (रायपुर), नासीम बेगम (गुजरात), प्रो. नाहिद बदरा, डॉ. सह अधिवक्ता मासूम राज सहित शिक्षकों और बच्चों ने अपनी अपनी राय रखी. इस मौके पर जमुई के बुद्धिजीवी सह समाजसेवी भावानन्द जी, डॉ. एस एन झा, सिस्टर लीना, माधुरी कुमारी, समग्र सेवा सचिव नागेश्वर रावत एवं शशिभूषण कुमार ने अपने विचार को व्यक्त किया.