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दिव्य रश्मि सम्मान से सम्मानित किये गए साहित्यकार ज्योतिंद्र मिश्र

विशेष (सुशान्त सिन्हा) : जमुई जिला के खैरा प्रखंड के रहने वाले सुप्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक व गीतकार ज्योतिंद्र मिश्र को पटना की संस्था पवन सुत सर्वांगीण विकास केन्द्र द्वारा 'दिव्य रश्मि सम्मान-2018' से सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ साहित्यकार श्री ज्योतिंद्र मिश्र को यह सम्मान साहित्यिक अवदान एवं सामुदायिक एकजुटता की गतिविधियों में उनके योगदान को देखते हुए दिव्य रश्मि पत्रिका के संपादक डॉ. राकेश दत्त मिश्र द्वारा प्रदान किया गया।

पाठकों को बता दें कि श्री ज्योतिंद्र बचपन से अकूत प्रतिभा के धनी रहे हैं। बाल्यकाल से ही साहित्य, कविता एवं गीत लेखन में उनकी गहरी रूचि रही है। विद्यार्थी जीवन में भी उनकी कृतियों के लिए उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 1963 में जमुई के हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित तुलसी जयंती कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्व. गोपाल सिंह नेपाली ने श्री मिश्र को सम्मानित किया था।

वर्ष 1991-92 में उन्हें बिहार के राजभाषा विभाग द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्री ज्योतिंद्र मिश्र को साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के मद्देनजर कई पुरस्कार भी मिले।

उनकी प्रकाशित पुस्तकों में वह (शब्द चित्र), नीले शैवाल (गीत-नवगीत), जुदा होने से पहले (गज़ल संग्रह) काफी लोकप्रिय हैं।

ज्योतिंद्र मिश्र द्वारा लिखे गीत को भोजपुरी फिल्म 'हम हईं गंवार' में पद्मश्री उदित नारायण ने अपनी आवाज़ दी है। इसके अलावा बिहार कोकिला पद्मश्री शारदा सिन्हा ने श्री मिश्र के लिखे छठ गीत 'अरग' व शादी गीत 'अनमोल दूल्हा' गाया है।

श्री ज्योतिंद्र मिश्र को 'दिव्य रश्मि सम्मान - 2018' से सम्मानित किये जाने से उनके गांव, परिवार एवं शुभचिंतकों के बीच खुशी का माहौल है। श्री मिश्र को सम्मानित किया जाना जिलेवासियों के लिए गौरव की बात है।

[इनपुट सहयोग : शुभम मिश्र, मांगोबंदर, जमुई ]