Breaking News

सूखे की चपेट मे सारण, किसानों के चेहरे पर फैली उदासी

सारण/छपरा (अनूप नारायण) : जून तथा जुलाई में सारण प्रमंडल में अनुमानित सामान्य वर्षा से 80 फीसदी कम बारिश 20 जुलाई तक मापी गयी है.

धान की रोपनी में भी जिला पिछड़ गया है . ऐसी स्थिति में सरकार के निर्देश के आलोक में कृषि विभाग के पदाधिकारी खरीफ आकस्मिक फसल योजना के तहत सूखे का सामना करना के लिए वैसे फसलों की खेती के लिए विभाग से रकबा के अनुसार बीज की मांग बिहार सरकार से की है जिसे कम पानी में भी उगाया जा सके .  बिहार बीज निगम ने वैसी फसलें जो काफी कम बारिश के बावजूद किसान उपजा सकते है, उसका बीज सारण,सीवान, गोपालगंज को उपलब्ध कराने का काम करेगा. इसके लिये कृषि विभाग ने निविदा भी कर दी है.

बीज उपलब्ध होते ही किसानों को इन फसलों के बीच अनुदान के आधार पर उपलब्ध कराये जायेंगे. जिले के तटवर्ती कुछ नहरों में ही पानी छोड़ा गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार 70 फीसदी नहर पानी के अभाव में अनुपयोगी साबित हो रहे है. नहर प्रमंडल के पदाधिकारी भी इस दिशा में कुछ भी बताने में असमर्थ है.
उड़द, मूंग, कुर्थी, मड़ुआ, जवार आदि की अधिक से अधिक फसल लगाने की तैयारीजून से लेकर 20 जुलाई तक कृषि विभाग ने पूरे प्रमंडल में 208 मिलीमिटर औसत बारिश का अनुमान था. जबकि वर्षापात महज 40 एमएम हुई. जो सामान्य से 80 फीसदी कम है. वहीं सारण जिले में औसत से 88 फीसदी, सीवान में 85 फीसदी तो गोपालगंज में 68 फीसदी कम बारिश हुई है.सारण के जिला कृषि पदाधिकारी ने विभिन्न फसलों के लिए 2325 क्विंटल, सीवान जिला कृषि पदाधिकारी ने 2867.5 क्विंटल तथा गोपालगंज जिला कृषि पदाधिकारी ने 1507.1 क्विंटल बीज की मांग की है. वहीं उड़द, मूंग, कुर्थी, मड़ुआ, जवार आदि की अधिक से अधिक फसल लगाने की तैयारी की जा रही है.संयुक्त, कृषि निदेशक, सारण प्रमंडल विज्येंद्र चौधरी ने बताया की खरीफ आकस्मिक फसल योजना के तहत काफी कम सिंचाई के बावजूद होने वाले विभिन्न फसलों की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए जिलावार खरीफ आकस्मिक फसल योजना के लिए निर्धारित लक्ष्य तथा संबंधित फसल के बीज की आवश्यकता से संबंधित पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है.