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शिक्षा और फैशन की दुनिया में यामिनी सिन्हा ने बनाई खास पहचान

पटना (अनूप नारायण) : मिसेज इंडिया पॉपुलर और प्रोफेसर यामिनी सिन्हा न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में धूमकेतु की तरह छायी बल्कि फैशन और और सामाजिक दुनिया के क्षितिज पर भी सूरज की तरह चमक रही हैं। उनकी ज़िन्दगी संघर्ष, चुनौतियों और कामयाबी का एक ऐसा सफ़रनामा है, जो अदम्य साहस का इतिहास बयां करता है। यामिनी सिन्हा ने अबतक के अपने करियर के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया और हर मोर्चे पर कामयाबी का परचम लहराया।

दुनिया के सबसे बेहतरीन और मशहूर लोग वो होते है जिनकी अपनी एक अदा होती है…. वो अदा जो किसी की नक़ल करने से नही आती… वो अदा जो उनके साथ जन्म लेती है…!! यामिनी सिन्हा की शख्सियत भी कुछ ऐसी ही है। बिहार की राजधानी पटना में जन्मी यामिनी सिन्हा के पिता श्री अरविंद कुमार सिन्हा( सेवानिवृत आइएएस ) और मां श्रीमती शशि प्रभा प्रसाद (सेवानिवृत प्रोफेसर ) घर की लाडली बड़ी बेटी को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना चाहते थे। हालांकि यामिनी सिन्हा की रूचि जर्नलिस्म की ओर रही थी। यामिनी सिन्हा ने राजधानी पटना के प्रतिष्ठित नॉट्रेडेम से इंटर तक की पढाई पूरी की। पिता की आज्ञा को सिरोधार्य मानते हुये यामिनी सिन्हा ने बीएससी (बॉटनी) की पढाई साइंस कॉलेज से पूरी की। इसके बाद यामिनी से एमएससी(बॉटनी) की पढ़ाई भी पूरी की।
इसके बाद यामिनी सिन्हा की शादी रेलवे में अधिकारी वर्तमान मे मुख्य अभियंता(निर्माण), पटना के तौर पर कार्यरत श्री राजीव कुमार सिन्हा (आईआरएसई) के साथ हो गयी। जहां आम तौर पर युवती की शादी के बाद उसपर कई तरह की बंदिशे लगा दी जाती है लेकिन यामिनी सिन्हा के साथ ऐसा नही हुआ। यामिनी के पति के साथ ही ससुराल पक्ष के सभी लोगो ने उन्हें काफी सपोर्ट किया। यामिनी ने इसके बाद भी अपनी आगे की पढाई जारी रखी और एमबीए किया। यामिनी सिन्हा की रूचि डांस की  ओर भी रही है और इसी को देखते हुये उन्होंने प्रयाग यूनिवर्सिटी इलाहाबाद से कत्थक का छह वर्षीय कोर्स प्रभाकर पूरा किया।
कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया यामिनी सिन्हा ने ।यामिनी सिन्हा यदि चाहती तो विवाह के बंधन में बनने के बाद एक आम नारी की तरह जीवन गुजर बसर कर सकती थी लेकिन वह खुद की पहचान बनाना चाहती थी। यामिनी सिन्हा शिक्षा के क्षेत्र में भी काम करना चाहती थी।यामिनी सिन्हा पटना यूनिवर्सिटी में बतौर गेस्ट फैक्लटी के तौर पर काम करने लगी और यह सिलसिला आज भी जारी है। यामिनी सिन्हा का कहना है कि समाज के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसलिए जरूरी है कि समाज के सभी लोग शिक्षित हो। शिक्षा ही विकास का आधार है। समाज के लोग ध्यान रखें कि वह अपने बेटों ही नहीं बल्कि बेटियों को भी बराबर शिक्षा दिलवाएं।वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की महत्ता सर्वविदित है। स्पष्ट है कि सामाजिक सरोकार से ही समाज की दशा व दिशा बदल सकती है।

यामिनी सिन्हा को नॉट्रेडेम के एलयूमनी मीट में आमंत्रित किया गया और उन्हें सुपर एल्युमनी के खिताब से नवाजा गया। यामिनी सिन्हा के शिक्षिका श्रीमति बिधू रानी ने उन्हें फैशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। यामिनी सिन्हा ने पहले तो इसे गंभीरता से नहीं लिया लेकिन बाद में सबके जोर देने पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की ब्यूटी पेजेटं मिसेज इंडिया सी इज इंडिया 2017 जिसका पेजेटं हेड श्रीमति  ऋचा सिंह है मे पार्टिसीपेट किया। यामिनी भले ही शो की विजेता नही बन सकी लेकिन उन्होंने मिसेज पॉपुलर  का खिताब अपने नाम कर लिया। यामिनी का मानना है कि जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना ,सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें ,बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।इसके बाद यामिनी सिन्हा को फैशन के क्षेत्र में अग्रणी मैगजीन लाइफ स्टाइल के लिये प्रिंट शूट का अवसर मिला।

यामिनी सिन्हा के फैशन के प्रति उनकी समझ को देखते हुये उन्हें हाल ही में राजधानी पटना में हुये मिसेज इंडिया सी इज इंडिया जिसका आयोजन मिराकी प्रोडक्शन की डायरेक्टरस शिवानी और स्तुति ने किया में बतौर ग्रूमर उन्होंने  16 प्रतिभागियों को ग्रूम किया। यामिनी सिन्हा ने श्रीमती आरती सिंह और श्रीमती समीक्षा सिंह के साथ मिलकर ग्रुमिंग कंपनी द टियारा ट्रायम्फ् की स्थापना की है। यामिनी सिन्हा इसके साथ ही अपनी एक और कंपनी ट्रासफार्म विथ यामिनी के जरिये लोगो को अंग्रेजी में सही तरीके से बोलने की ट्रेनिंग दे रही है। बहुमुखी प्रतिभा की धनी यामिनी सिन्हा ने एक उपन्यास टु यू माइ लव भी लिखा है जो जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। यामिनी सिन्हा की रूचि सामाजिक क्षेत्र में भी रही है। वह इसीआरडब्लूडब्लूओ के साथ जुड़कर महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है।
यामिनी सिन्हा आज कामयाबी की बुलंदियों पर हैं लेकिन उनके सपने यूं ही नही पूरे हुये हैं यह उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। यामिनी सिन्हा ने बताया कि वह अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने पति के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को देती हैं जिन्होंने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है।यामिनी सिन्हा ने बताया कि उन्हें  अभिनय का भी शौक है।