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94 करोड 40 लाख में बिका डालमियानगर का कबाड़, बनेगा रेल कारखाना


~अनूप नारायण
   बिहार के सबसे पुराने औद्योगिक नगरी रोहतास उद्योग समूह डालमियानगर के बंद पड़े कारखाने की कबाड़ का नीलामी सोमवार को हो गया। इसके लिए कुल 20 एजेंसियों ने जमानत के तौर पर 10-10 करोड़ रुपए जमा किए थे और दर्जनभर बोली में शामिल हुए। करीब 90 मिनट तक चली नीलामी प्रक्रिया के दौरान सबसे अधिक की बोली 94 करोड़ 40 लाख तक पहुंचा, और इसी के साथ 219 एकड़ में फैले रोहतास उद्योग समूह के दर्जनभर इकाइयां नीलाम हो गई। 
  रोहतास उद्योग समूह के इस इकाई को रेल मंत्रालय ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में 140 करोड़ में खरीदा था। इस परिसर में रेलवे वैगन मरम्मत कारखाना का निर्माण प्रथम चरण में होगा, इसके साथ ही रेलवे के पार्ट्स निर्माण के कारखाने लगाए जाने की योजना है। साथ ही उसी परिसर में कर्मचारियों के लिए नए आवास का निर्माण होगा।
  आजादी से करीब डेढ़ दशक पूर्व जगदल डालमिया द्वारा स्थापित रोहतास उद्योग समूह वर्ष 1984 में बंद हो गया था। इसके कुछ इकाइयों को पुनः खोला गया था, लेकिन 1995 आते आते सभी इकाइयां पुनः बंद हो गई और यह समापन में चला गया। बंद पड़ा यह कारखाना 1984 से  2015 के बीच  कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव में चुनावी मुद्दा बना, राजनेताओं ने अपनी रोटियां सेकी  लेकिन इसका समाधान  नहीं निकल पाया। वो साढ़ू तीन दशक तक  जनता को  झूठी हसीन सपने दिखाते रहे। कभी चिमनियों का चमन रहा डालमियानगर कारखाने के कबाड़ नीलामी के साथ बिहार के सबसे पुराने और एशिया महादेश के सबसे बड़े उद्योग समूह का अस्तित्व अब समाप्त हो जाएगा। अब देखना यह है की यहां पुनः रेल कारखाने की निर्माण प्रक्रिया कब तक शुरू होती है.