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मांगोबंदर : पहले पुल अब पोल भी क्षतिग्रस्त, दहशत में हैं ग्रामीण

[gidhaur.com | मांगोबंदर] :- बिहार, झारखंड और बंगाल क्रमशः तीन राज्यों  को जोडने वाली खैरा-सोनो मुख्य मार्ग स्थित मांगोबंदर पुल  में दरार आ जाने की खबर सुर्खियों में रही। जिसको लेकर विभाग द्वारा बैरियर लगा कर बड़े वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया।
उक्त फरमान जारी किए हुए अभी महीने भी नहीं बीते कि आज यहां का आलम हैरान करने वाली है। जी हां, हम क्षतिग्रस्त हो रहे मांगोबंदर पुल की ही बात कर रहे हैं, जहां बड़े वाहनों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए असमाजिक तत्व अपना नजराना लेते हुए पुल के नीचे से आवागमन की अनुमति दे रहे हैं, जिससे की उन्हें गाढ़ी कमाई का जरिया मिल गया है। पुल के नीचे से प्रवेश कराने पर इन असामाजिक तत्वों पर लक्ष्मी मेहरबान होती है।
पाठकों को बताते चलें कि, हाल ही में ग्राम पंचायत के सौजन्य से बच्चों को स्कूल, खेतिहर को खेत,छठ व्रतियों को नदी,षपशुओं को चारागाह, एवं पंचायत के एक मात्र ठाकुर बाड़ी जाने के लिए ग्रामीण सड़क का निर्माण कराया गया है। पर भारी वाहनों के आवागमन से लाखों की लागत से निर्मित यह 10 फीट चौड़ी सड़क चढ़ावे  की भेंट चढ़ गई, जिससे सड़क का दुरूपयोग तो हो ही रहा है साथ ही विभागीय नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड रही है।
ग्रामीणों व स्थानीय निवासियों द्वारा ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भारी वाहनों के आवागमन के कारण लगभग 10 फीट चौड़ी यह सड़क टूट सकती है ,जिसके कारण बच्चों को स्कूल जाने में असुविधा हो सकती है , बच्चे बड़ी वाहनों की चपेट में आ सकतें हैं।

पुल के किनारे खड़ा बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त, दुर्घटना को दे रहा है दावत

इसी क्रम में बड़े वाहनों के आवागमन के कारण ठोकर लगने से बिजली का एक पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उसमें दरार आ गई है। साथ ही सिमेन्ट से बने इस क्षतिग्रस्त बिजली पोल पर लटकते जर्जर बिजली के तार ने किसी बड़े हादसे की संभावना बढ़ा दी है। ये पोल कभी भी गिरकर इस मार्ग का आवागमन ठप करा सकता है। वहीं लटकते बिजली के तार से पुल किनारे वाहनों एवं ग्रामीणों के आवागमन में अनहोनी का खतरा कायम है पर संबंधित विभाग का रवैया फिलहाल इस संदर्भ में उदासीन बना हुआ है।

(शुभम् मिश्र)
मांगोबंदर  |  14/06/2018, Thu
Edited by - Abhishek Kumar Jha.
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