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फ़िल्मी दुनिया में बड़ी पहचान है भागलपुर की अभिनेत्री लीना आचार्या

Gidhaur.com (मनोरंजन) : मजबूत इरादे के साथ अगर लीक से अलग हटकर अपनी मंजिल तय की जाए और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी संजीदगी से मेहनत किया जाए तो मंजिल एक दिन जरूर मिल जाती है. बिहार मे प्रतिभावानो की कमी नही केवल काम करने के जज्बे के अभाव मे कुछ लोग पीछे रह जाते है. वही कुछ लोग अपने परिवार को भी कुछ समय के लिये भुलाकर अपने सपनो को पुरा करने के लिये बडे कदम उठाने का जोखिम लेते हैं और इस समय मे यदि भाग्य साथ दे दे तो फिर इनकी चल ही पडती है और बाद मे परिवार और समाज भी इनके किये पर गर्व महसूस करने लगता है.

कुछ ऐसी ही स्थिति भागलपुर मे जन्मी और परिवार के साथ दिल्ली मे शिक्षा ग्रहण कर फिल्मी दुनिया मे कदम रख बडी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री लीना आचार्या की भी है. जिनके परिवारवालो के नही चाहने के वावजूद भी अभिनेत्री लीना ने अपने अभिनय को तौलने की कोशिश की. अपना सर्वस्व त्याग कर सन् 2013 मे दिल्ली से अभिनय के क्षेत्र में अपना भाग्य अजमाने मुंबई पहुँच गई. कदम कदम पर संघर्ष करते हुये मॉडल के तौर पर अपने कैरियर की शुरुआत करने के बाद धारावाहिक सहित कई फिल्मो मे अपने अभिनय का जलवा बिखरते हुये देश के लोगों के बीच लोकप्रिय बनी.

अब स्थिति यह है कि आज ये किसी पहचान की मोहताज नही है. जो परिवार इनके पसंद के खिलाफ था वो ही परिवार और समाज ने एकबार फिर से अभिनेत्री लीना के अभिनय का लोहा माना है और इनके किये अभिनय पर गर्व महसूस कर रहे हैं.

बातचीत के दौरान अभिनेत्री लीना आचार्या ने कहा कि मैने जहाँ भी काम किया पूरी लग्न और मेहनत से किया. कभी भी समय का ख्याल नही करते हुये रातो दिन लगातार प्रैक्टिस के बाद प्रोग्रामो मे काम किया. लगभग पॉच सालो के भीतर ही फिल्म जगत् मे इनकी अलग पहचान अपने अभिनय के बल पर बन गई. अब काम इनके पीछे भागते नजर आ रहा है और समय के अभाव को यह महसूस कर रही है. वावजूद इसके ये किसी भी काम को छोडकर चलने की कोशिश नही करती.

इन्होने बातचीत में यह भी बताया कि अपने मिले हुये काम को ही ये पूजा समझती है और जी जान लगाकर काम को पूरा करने की सोच रखती है. इन्होने कहा कि जब एक बार इन्होने अभिनय के क्षेत्र मे कदम रख दिया तो मुडकर पीछे सोचने का समय ही इनको नही मिला. यह पुछने पर कि बिहार और यहॉ के लोगों से इनको कितना लगाव है इन्होने कहा कि मेरा जन्म स्थल भागलपुर के अमरपुर गॉव का है और मुझे बिहार की मिटटी और यहॉ के लोगों से जन्म जन्मांतर का संबंध है और रहेगा.

इन्होने कहा कि बिहार मे जन्म होने पर मुझे गर्व है. गौरतलब है कि सिर्फ 5 सालो मे अभी तक देखा जाये तो विभिन्न नामी गिरामी चैनलो पर प्रसारित और पब्लिक मे चर्चित कई सीरियलो जिनमे प्रमुख रूप से इस प्यार को क्या नाम दू, सिंहासन बतीसी, बाल गोपाल, हमसर, लागा चुनरी मे दाग छिपाऊ कैसे, सावधान इंडिया, इंभेस्टीगेशन फाईल, ये रिश्ता क्या कहता है, हम है ना, सर्विस वाली बहू, जिंदगी एक भंवर, जमाई राजा, गुमराह, एक था राजा एक थी रानी, शक्ति, भक्ति मे शक्ति, अकबर -वीरबल, खिडकी इश्कबाज़, काला टिका, स्वरागिनी, मधुमती, क्राईम पेट्रोल, दिल से दिल तक है, इनमे अपने अभिनय से लोगो का दिल इन्होने जीत लिया है. यही नही कई बडे कम्पनियो मे ये प्रचार प्रसार को लेकर भी चर्चित है. वही अब कई फिल्मो मे भी ये अपना किरदार निभाते हुये निरंतर आगे ही बढती जा रही हैं. लीना आचार्या ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती और भाग्य साथ दे दे तो क़िस्मत चमकते देर भी नहीं लगती. मेहनत, लग्न और त्याग से कोई मुकाम पाया जा सकता है.

अनूप नारायण
13/06/2018, बुधवार