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बड़ी खबर : भारत-नेपाल सीमा पर 6 बच्चों के साथ धड़ाए 2 बाल तस्कर

Gidhaur.com (फारबिसगंज/अररिया) : संस्था राहत ऑर्गनाइजेशन फारबिसगंज और आगापे चेरिटेबल ट्रस्ट जोगबनी, एनसीआईबी (एसएसबी) जोगबनी की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर दो बाल तस्कर सहित छः  बच्चों को अपने कब्जे में लिया।

भारत-नेपाल की सीमा पर पिलर संख्या 100/पीपी-68 से लगभग 50 मीटर अंदर भारत की तरफ कुछ बच्चे झोला लेकर जा रहे थे जिसमें दो व्यस्क व्यक्ति भी थे। शक होने पर उनसे पूछताछ की गई तो उनमें से एक ने नाम मो. मंसूर (40 वर्ष), पिता अतिम शाह, ग्राम फरोता,  वार्ड नं. 11, जिला अररिया बिहार और दूसरा मो. मशुद (36 वर्ष), पिता महरूम फ़रमुद्दीन, ग्राम सफीपुर, वार्ड नं. 3, पोस्ट गरेया डोभीए, अररिया, बिहार बताया।

इन दोनों बाल तस्करों के साथ छह बच्चे क्रमशः शब्बीर, इमरान आलम, मो. सोनू, सधनी, सीष आलम और शहादत भी थे। तस्करों ने बताया कि हम सभी बच्चों को दिल्ली के आजाद मार्केट खिलौने के कम्पनी में कार्य करवाने ले जा रहे थे। पूछताछ में बात सामने आई कि हर बच्चे को 1500 रुपये का प्रलोभन देकर काम करवाने ले जाया जा रहा था।

तस्करों ने बताया कि हम बच्चों को कम्पनी के मालिक जीशान जो कि आजाद मार्केट, दिल्ली का रहने वाला है उनके पास देकर आ जाते हैं। जिसके लिए हमें मोटी रकम मिलती है।

इस अभियान के दौरान मानव तस्करी के लिए एसएसबी की स्पेशल टीम जो कि सिविल ड्रेस में मानव तस्करी के लिये काम करती है, उस टीम के जवान अब्दुल हमीद ने बताया कि इन दोनों को हर महीने में 4-5 बार भारत-नेपाल सीमा पर हमेशा देखा करते थे। ऐसे में इनपर शक हुआ और इन्हें पकड़ा गया।

बरामद बच्चों को एसएसबी महेश्वरी केम्प जोगबनी लाया गया और कम्पनी कमांडेंट संजीत समझदार ने बच्चों से प्यार से पूछा तो उन्होंने बताया कि हम सभी बच्चे उक्त तस्कर को पहचानते भी नहीं है। इसके अलावा हमारे घर वालों को हम सभी के बारे में नहीं मालूम कि हमें बाहर ले जाया जा रहा है। बच्चों ने बताया कि इन दोनों आदमियों ने 5 दिनों से हमलोगों को बहला फुसलाकर तैयार किया और हम सभी बच्चें को दिल्ली घुमाने के बहाने ले जा रहा था।

तत्काल सभी बच्चों को चाईल्ड लाइन अररिया के सुपुर्द कर दिया गया है। सभी बच्चे 12 से 14 वर्ष के उम्र के हैं। तस्करों को जोगबनी थाना प्रभारी के सुपुर्द कर दिया गया है। जोगबनी थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि जाँच की जा रही है। मामला बाल तस्करी या बाल श्रम का प्रतीत होता है। उन्होंने दोनों तस्करों को न्यायालय हिरासत में भेजने की बात कही।

इस अभियान में राहत ऑर्गनाइजेशन के शाहनवाज आलम, अगापे चेरिटेबल ट्रस्ट के चंद्रशेखर, एसएसबी माहेश्वरी जोगबनी के कम्पनी कमांडेंट संजीत समझदार के साथ जवान अब्दुल हमीद, सुधीराम, राकेश कुमार, धर्मपाल लम्बा, विक्रम सिंह बोरा, अर्जुन कुमार ने सराहनीय योगदान दिया और भविष्य में मानव व्यपार को खत्म करने में सहयोग की बात कही।

अनूप नारायण
26/06/2018, मंगलवार