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गुरू रहमान : 44 साल की उम्र में 40 बार कर चुके हैं रक्तदान

Gidhaur.com:(पटना):- सुपरमैन,स्पाइडर मैन,बैटमैन और न जाने कितने सुपर हीरो की कहानियां तो आपने बहुत देखी और पढ़ी होंगी, लेकिन वो काल्पनिक होती है लेकिन हम जिस हीरो की बात कर रहे है वो तो रियल लाइफ का सुपर हीरो है।एक ऐसा हीरो जो सिस्टम से लड़ता है, ऐसा हीरो जो दूसरों की जिंदगी के लिए जद्दोजहद करता है ऐसा हीरो जो चौबीसों पहर दुसरो की मदद के लिए तैयार होता है।अगर इस मतलबी दुनिया मे जब लोग बिना किसी लाभ के किसी को एक ग्लास पानी तक नही देता हो उस जमाने मे कोई शख्स अगर मौत से जूझते मरीज के लिए अपना  "खून" देता है तो वह मेरी नजर में उससे बड़ा रियल हीरो है  दूसरा कोई नही।मैं बात कर रहा हूँ पटना के नया टोला इलाके के एक रियल हीरो की।


उनका नाम है डॉक्टर एम रहमान! वेद और कुरान के ज्ञाता जो खुद को न हिंदू मानते हैं ना मुसलमान मानते हैं खुद को एक सच्चा हिंदुस्तानी मानते हैं मरने के बाद भी नहीं चाहते कि उनका शरीर दफनाया जाए या जलाया जाए उन्होंने जीते जी अंगदान कर रखा है कि मरने के बाद उनके शरीर का अंग किसी दूसरे के शरीर में काम करें उम्र 44 साल और 44 साल की उम्र में 40 बार रक्तदान कर चुके है। इतिहास के शिक्षक है पटना में गरीब असहाय छात्रों के लिए एक गुरुकुल चलाते हैं जिसका नाम है अदम्या अदिति गुरुकुल इस गुरुकुल में लगभग 15000 छात्र और छात्रा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। गरीब छात्रों से महज ₹11 की गुरु दक्षिणा ली जाती है। प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में छात्र विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए सफल भी होता है। क्लर्क से लेकर कलेक्टर तक इस गुरुकुल में तैयार होते है और साथ ही साथ यह तैयार होते हैं देश के सजग नागरिक। इस गुरुकुल में पढ़ने आने वाले छात्र छात्राओं का ब्लड ग्रुप लिखा जाता है, उसके बाद किसी भी जरूरतमंद को अगर रक्त की जरूरत होती है तो अविलंब उस व्यक्ति तक  संबंधित ब्लड ग्रुप का डोनर इस संस्थान के द्वारा दिया जाता है। छात्रों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए भी डॉक्टर रहमान प्रोत्साहित करते रहते हैं। वह खुद दधीचि देहदान दान अभियान से भी जुड़ें है। रिकॉर्ड 40 बार रक्तदान करने के बाद मन करता है कि रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है रक्तदान करने से नई स्फूर्ति और ताजगी भी आती है।

अनूप नारायण
पटना
16.06.2018