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सिमुलतला : प्रबंधन के ढुलमुल रवैये का दंश झेल रहे हैं SBI के खाताधारक

[gidhaur.com | सिमुलतला] :- भारत में नोटबंदी के बाद कैश किल्लत की समस्या आम हो गई है।  ऐसे में कैश  की किल्लत को मात देने में ग्राहक सेवा केन्द्र अहभ भूमिका निभा रही है।पर इधर कुछ दिनों से सिमुलतला एसबीआई के खाताधारक दस मिनट के काम लिए दो बजे तक बैंक परिसर  का चक्कर काटते नजर आते हैं। शुक्रवार को ग्राहकों के शिकायत पर जब इस संदर्भ में एसबीआई शाखा प्रबंधक अलख कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के ख्यालात से ग्राहकों को ग्राहक सेवा केंद्र में बैंक के द्वारा भेजा जाता हैं।  

विदित हो, भारतीय स्टेट बैंक सिमुलतला के शाखा के संदर्भ में क्षेत्र के कई ग्राहकों के  आरोप हैं कि बैंक में भुगतान समय से नहीं होता, न ही खाता खुलता, बैंक में ग्राहकों के लिए कोई सुविधा नहीं आदि-आदि। खाताधारकों के इन प्रश्नों के साथ जब प्रबंधक श्री कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पैसे के अभाव में प्रतिदिन पैसे बाहर के बैंक से लाने के कारण निकासी के लिए दोपहर एक बजे के बाद ग्राहकों को पैसे का भुगतान संभव हो पाता हैं। वहीं उन्होंने 10 वर्ष के  बच्चों का खाता ग्राहक सेवा केंद्र में ही खुलने की बात कही। इसी संदर्भ में उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बैंक से खाता खोलने के बाद सुचारू ढंग से वह खाता तभी संचालित होगा जब लगभग 15 दिनों के बाद सी-के.वाय.सी. नम्बर आप के मोबाइल एवं मेरे शाखा में उपलब्ध हो जाए। इस नम्बर के माध्यम से भविष्य में खाताधारक दूसरे बैंक और शहर में बिना किसी दस्तावेज के खाता खोल सकते हैं। 
 इस दौरान मैनेजर श्री कुमार से यह प्रश्न किया गया कि सिर्फ आपके चैम्बर में एसी चल रहा है जबकि आपके अन्य स्टाफ के साथ ग्राहक भीषण गर्मी से बाहर काउंटर में त्राहि माम् कर रहा है। इसके प्रतिउत्तर में उन्होंने कहा कि बैंक खर्च में कटौती के कारण ऐसा हैं। इस वर्ष इस बैंक का मुनाफा 97 लाख से ज्यादा का हैं। यह मुनाफा और बढ़ता लेकिन केसीसी के 03 करोड़ रुपये एनपीए होने के कारण मुनाफा में कमी आई हैं।
पाठकों को बता दें कि, सिमुलतला जैसे इलाके में एसबीआई के अधिक खाताधारक है पर बैंक के कुछ ढुलमुल मैनेजमेंट के कारण खाताधारकों को बैंक से कैश के बजाय सिर्फ मायूसी हाथ लगती है।
(वीरेन्द्र यादव)
सिमुलतला | 25/05/2018, शुक्रवार