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...और आतिशबाजी से जलकर ख़ाक हो गया गौशाला, बाल बाल बचे लोग

gidhaur.com(गिद्धौर/सेवा) :-   घड़ी की सुई 12 :15 पार कर चूकी थी, अंधेरी रात और शादी के माहौल में बारातियों का आगमन, नाच गाना और फिर आतिशबाजी का सिलसियला..  देखते ही देखते चिंगारी ने कैसे आग का रूप ले लिया किसी को पता ही नहीं चला। इसी दौरान गिद्धौर प्रखण्ड के नीचली सेवा में अगलगी का मामला प्रकाश में आया है।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार की देर रात सब कुछ सामान्य चल रहा था, सब लोग वैवाहिक उत्सवी माहौल के जश्न में डूबे थे, बारातियों का नाच गाना भी जारी था, इस दौरान आतिशबाजियां भी हो रही थी, इसी क्रम में पटाखे की एक चिंगारी पास रखे पुआल में जा गीरी और आग का रूप ले लिया। जितने देर में लोग इससे उभरकर आग बूझाने को कुछ सोचते उतने देर में गाय बांधने का स्थान पूरी तरह से जलकर खाक हो चूका था। ग्रामीणों के सहयोग से कुछ समय बाद आग पर काबू पाया गया।
झुलसी हुई गाय की तस्वीर
बताया जा रहा है कि, इस अगलगी में कुछ हद तक संपत्ति का नुकसान हुआ है।गौशाले में बंधे  तीन चार गायें आग से झुलस कर किसी तरह बच पाए। ग्रामीणों द्वारा आग बूझाने के क्रम में बगल के सटे एक घर के आधे छप्पर टूट गए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सोमवार को सुबह ग्रामीणों और पीड़ितों द्वारा बारात पक्ष से उनकी लापरवाही से हुई इस क्षति के लिए भरपाई की भी माँग की गई है। पीड़ित परिवार के कामदेव रजक, और शोभन रजक ने बताया कि हमलोग शादी विवाह के तैयारी में जूटे थे, आग लगने की खबर सुनकर जैसे ही घटनास्थल पर पहुँचे सब कुछ समाप्त हो चुका था।
अंततः किसी तरह मामले को समझा बूझाकर शांत कराया गया। पर लापरवाही के कारण हुए इस अगलगी में संपत्ति का जो नुकसान हुआ है उसका अनुमान उक्त तस्वीरों से लगाया जा सकता है।
(शुभम कुमार)
सेवा | 30/4/2018, सोमवार
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