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गिद्धौर : ऑटो चालक और ठेकेदारों के आपसी रस्साकसी में मौरावासियों की दिनचर्या प्रभावित

[gidhaur.com | News Desk] :-  हर घन्टे तकरीबन 6 वाहनों का परिचलन, अर्थात 10-10 मिनट में एक वाहन। अचानक ये समीकरण विलोम प्रतिक्रिया का रूप लेती है यानि जिस सड़क पर हर 10-10 मिनट में गाड़ियों एवं ऑटो का आवागमन होता था, आज वो उस सड़क पर तीन पहिया वाहनों का शोर थम सा गया है।
हम जिक्र कर रहे हैं, गिद्धौर-मौरा मार्ग पर चलने वाले ऑटो की, जिसके चालकों ने बीते बृहस्पतिवार को धनियाठीका मोड़ के पास एकत्रित होकर गिद्धौर - मौरा की सड़क को तकरीबन साढ़े 3 घन्टे तक जाम रखा।
कारण बस यही था कि गिद्धौर से मौरा जाने के क्रम में सड़क पर लगभग 25 स्पीड ब्रेकर बनाना इन चालकों के अनुसार उचित नहीं था, जिसे लेकर उक्त वर्णित स्थल पर इन चालकों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया।
हलांकि, ऑटो चालक संघ द्वारा उक्त मामले की लिखित शिकायत गिद्धौर के थाना अध्यक्ष व अंचल अधिकारी से की गई है। पर उक्त मामले पर  इस जानलेवा ब्रेकर को हटाने की मांग को लेकर ऑटो चालक आज तक अपने कथन पर अडीग हैं, लिहाजा गुरूवार से लेकर आजतक गिद्धौर-मौरा के बीच एक भी ऑटो का परिचालन नहीं हो रहा है।
यहां, पाठकों को जानकारी से अवगत करते चलें कि प्रखंड मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मौरा पंचायत का मुख्य बाजार गिद्धौर ही है, जहां पहुंचने का एकमात्र साधन ऑटो है। पर इधर कुछ दिनों से ऑटो परिचालन ठप रहने से मौरावासियों की दिनचर्या काफी प्रभावित हुई है। हलांकि जिनके पास मोटरसाईकिल या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है उनके लिए इन ऑटो चालकों का हड़ताल कोई विशेष मायने नहीं रखता, पर तकरीबन 50, 000 की आबादी वाले इस मौरा पंचायत में जहां लगभग 65 फिसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे की जिन्दगी बरस करते हैं, इस अनुपात में हरेक व्यक्ति की जरूरत मोटरसाइकल से पूरा करना बेवकूफी है।
मौरा निवासी अजीत कुमार, चन्दन कुमार,ऋषभ कुमार, रंजु देवी, अमीषा कुमारी, बिमला देवी,प्रवीण कुमार, एवं अपने दैनिक कार्य हेतु रोजाना गिद्धौर आने जाने वाले ग्रामीणों ने बताया कि ऑटो चालक और ठेकेदारों के बीच चल रहे रस्साकसी में हम मौरावासियों की दिनचर्या तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही ऑटो चालकों के हड़ताल ने मौरावासियों की परेशानियों को कई गुणा बढ़ा दिया है। विशेषतः उनलोगों को अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा जो अपने जीविकोर्जन के लिए मौरा से बाहर कार्यरत हैं। इतना ही नहीं बल्कि परेशानियों का आलम यह है कि जिन्हें ट्रेन पकड़ना था, हड़ताल को लेकर उन्होंने अपनी यात्रा तक रोक दी।
ठेकेदार पक्ष के कुछ लोगों ने अपने नाम की गोपनीयता बनाए रखते हुए जानकारी दी कि, जिस जगह पर अधिक ब्रेकर दिया गया है, वहाँ की आबादी काफी घनी है। वहां पर जनजीवन की सुरक्षा हेतु ब्रेकर लगाया गया है ताकि तेज रफ्तार मे चलने वाले ये ऑटो चालक से कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
वहीं, यदि ऑटो चालकों की मानें तो, जबतक उनके लिखित आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं होती, तबतक उनकी ऑटो मौरा की सड़कों पर नहीं दौडेगी।
बताते चलें कि इस मामले की रसोई में दाल गलाने के लिए पैरवियों की आंच तेज कर दी गई है, पर 50 हजार की आबादी वाले इस मौरा पंचायत में शिक्षित एवं जागरूक व्यक्तियों की संख्या अल्प होने की वजह से गलते हुए इस दाल का स्वाद चखना शायद इन ग्रामीणों के नसीब में नहीं।
  (अभिषेक कुमार झा)
गिद्धौर | 08/4/2018, रविवार
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