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गिद्धौर : गंगरा में गणेश मंदिर स्थापित कर किया गया प्राण प्रतिष्ठा

[gidhaur.com | News Desk] :-  नागी नदी के तट पर स्थित गिद्धौर प्रखंड के गंगरा गांव में
स्व. गणेश सिंह के पुण्य स्मृति में उनके परिवार की ओर से श्री गणेश मंदिर का स्थापना सह  प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर रात्रि में कीर्तन भजन- जागरण का आयोजन किया गया। बीते 3 अप्रैल की सुबह ढोल-नगाड़े, व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ  108 कुमारी कन्याओं द्वारा उलाई नदी से जल भर कर कलश यात्रा से संध्या काल में मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा किया गया। जलयात्रा में उमड़े सैंकडों लोगों के जन सैलाब का दृश्य और सबों के मुख से  जय गणेश जय बाबाकोकिलचंद  के जयघोष से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया।
पाठकों को बता दें कि, सन् 2000 ई. में सम्पन्न  महारूद्र यज्ञ की  प्रेरणा से स्व. गणेश सिंह श्री गणेश मंदिर निर्माण करवाने की शपथ लेते हुए ध्वजा रोहन किया था। उनका आकस्मिक निधन हो जाने के कारण  उनकी धर्मपत्नी धर्मशीला देवी ,पुत्र राजेश सिंह ,राकेश सिंह, सुपुत्री पिंकी देवी एवं रिंकी देवी भाई उमाकांत सिंह एवं समस्त परिवार उनके अधुरे सपने को पूरा करने का सराहनीय कार्य किया। वहीं गिद्धौर प्रखंड के मौरा निवासी प्रकाश जी का कीर्तन भजन सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। श्री प्रकाश जी का गिद्धौरिया गीत "मधुपुर के चूडा प्रधानचक के गुड, निके लागे केतरिया करनपुर के" कर्णप्रिय रहा।

कार्यक्रम के अगले दिन प्राण प्रतिष्ठापन कार्य सम्पन्न कर कुमारी कन्या एवं ग्रामीण ब्राह्मणों का जोनार एवं आसपास  के  सैंकडों लोगों के लिए भंडारा एवं प्रसाद वितरण किया गया। संध्या काल में हजारों लोगों के बीच, जैसे ही कीर्तन सम्राट के पौत्र प्रसिद्ध कीर्तनकार सह गायक श्री पप्पू एवं उनके मंडली का आगमन हुआ मानो कीर्तन प्रेमियों के मन में उत्सुकता जागने लगी।
वहीं इस दौरान सर्वप्रथम बाबा कोकिलचन्द धाम गंगरा की ओर से श्री पप्पू एवं उनके मंडली को अंगवस्त्र,पुष्पमाला, बाबा कोकिलचंद की साहित्य पुस्तिका एवं  बाबा कोकिलचंद स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। मौके पर उपस्थित बाबा कोकिलचन्द विचार मंच के संयोजक चुन चुन कुमार द्वारा स्वागत संबोधन किया गया । श्री कुमार ने आगे अपने संबोधन में इस गांव के विरासती संस्कृति 'शराबमुक्त'  गंगरा को नमन एवं धन्यवाद किया। 
पप्पू जी, बिन्देश्वरी बाबू,जमुई के श्री बसंत, बिहार शरीफ से श्री रजनीश, बेगुसराय से भैरव जी, व स्थानीय निवासी श्री उमाकांत समेत अन्य कलाकारों ने अपने कीर्तन गायन से  समां बांधा।
वहीं व्यवस्थापक का कार्य स्व. गणेश सिंह के पौत्र श्री राजाबाबू एवं उनके दर्जनों युवा साथी ने संभाला। नालवादक श्रीकांत कुमार उर्फ गोलू जी के वादन की भी काफी प्रशंसा होती रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रामीण नीरज सिंह, गणेश सिंह, गुंजन सिंह, संदीप कुमार, रुपेशमणी सिंह, सत्यम कुमार समेत दर्जनों लोगों का प्रयास सराहनीय रहा।

(अभिषेक कुमार झा)
गिद्धौर |  o9/o4/2o18, सोमवार
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