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गिद्धौर : चापाकल रहते कुएँ के पानी से बुझती है बच्चों की प्यास

[gihaur.com | गिद्धौर / मौरा] :- इस तस्वीर पर जरा गौर फरमाइए, विभागीय उदासीनता को दर्शाती यह तस्वीर गिद्धौर प्रखंड के मौरा पंचायत अंतर्गत बंधौरा गांव के आंगनबाडी केंद्र संख्या 29 की है, जहां  सेविका रीता कुमारी और सहायिका रीना देवी बताती हैं कि  जब से चापाकल यहां  आया हुआ है तब से यह खराब ही है और लगभग यहां से 500 मीटर की दूरी पर कुएं से पानी भर कर लाना पड़ता है। रीता और रीणा ने सभी पदाधिकारियों से पानी से संबंधित शिकायत करते हुए  लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन आज तक इस पर कार्यवाही नहीं हुई हमारे यहां जितने भी बच्चे हैं सबको मजबूरन में कुएं का पानी पिलाना पड़ता है इससे वह स्वस्थ क्या होंगे ? 

 विज्ञान गवाह है कि, कुएं का पानी पीने से बहुत सारी बीमारियां होती हैं, पर लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड हो रहा है और प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है।

(संजीवन कुमार सिंह)


मौरा | 04/04/2018, बुधवार

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