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धर्मार्थ कार्यों का पौराणिक काल से रहा है विशेष महत्व : सुमित

Gidhaur.com (सोनो) : यज्ञभूमि को नमन कर आशीष प्राप्त करने से एक आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है तथा सकारात्मक भावना का संचार होता है.

इस नीयत से मैं यज्ञादि में शिरकत करता हूं.

हमारे यहां यज्ञ, धर्मार्थ, पुण्यकर्म, त्याग और तपस्या का काफी पौराणिक काल से ही खासा महत्व रहा है.
उक्त बातें युवा नायक माननीय सुमित कुमार सिंह ने चकाई प्रखंड अंतर्गत कियाजोरी पंचायत के जमुआ गांव में चल रहे श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ में शामिल होने के दौरान कही.

साथ ही उन्होंने यज्ञभूमि को नमन कर सोनो-चकाई समेत समस्त जमुई जिले और अंगक्षेत्र के कल्याण के लिए कामना की.
इस अवसर पर यज्ञ समिति के सदस्यों के अलावा बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे.

चन्द्रदेव बरनवाल / उपेंद्र दास
सोनो      |      31/03/2018, शनिवार