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बिना संसाधन-प्रोत्साहन के जमुई की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीता रजत

Gidhaur.com (न्यूज़ डेस्क) : मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाली जमुई की बेटी अंजनी ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर में 16 से 20 नवम्बर तक आयोजित हुए 33वें राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में अंडर-18 जैवलीन थ्रो (भाला फेंक) प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल कर राष्ट्रीय फलक पर जमुई का नाम रौशन किया है. अंजनी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भाला फेंक प्रतियोगिता में 40.79 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर इस प्रतियोगिता में रजत पदक पर अपना कब्ज़ा किया. 

मूलरूप से जमुई के बरुअट्टा की रहने वाली अंजनी के पिता योगेन्द्र पंडित रेल पुलिस के रूप में कार्यरत हैं. एक साधारण से परिवार की लड़की अंजनी का बिना किसी विशेष संसाधन के राष्ट्रीय स्तर पर मेडल प्राप्त करना जमुई के लिए गौरव की बात है. 

यूथ नेशनल प्रतियोगिता में भी जीत चुकी है रजत, नहीं दिया किसी ने ध्यान
ज्ञात हो कि अप्रैल महीने में यूथ नेशनल प्रतियोगिता में भी अंडर-18 जैवलीन थ्रो (भाला फेंक) प्रतियोगिता में अंजनी ने रजत पदक जीता था. लेकिन विडम्बना देखिये कि अंजनी के इस प्रतिभा और उसकी उपलब्धियों पर अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया है. ना तो अभी तक किसी प्रबुद्ध जन ने उसे बधाई दिया और ना ही उसके उपलब्धियों की सराहना की.
विजयी मुद्रा में धावक रौशन कुमार
बिहार के 4 विजेता खिलाड़ियों में जमुई से 2
गुंटूर, आंध्रप्रदेश में 16 से 20 नवम्बर तक हुए 33वें राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में बिहार के कुल 27 महिला-पुरुष खिलाडियों ने हिस्सा लिया था जिसमें बिहार को 4 पदक मिले हैं. इन 4 पदकों में जमुई के लिए गौरव की बात यह है कि यहाँ के 2 खिलाडियों ने पदक हासिल किए. अंडर-14 दौड़ रेस में रौशन कुमार (11.48 सेकंड) ने स्वर्ण एवं अंडर-18 जैवलीन थ्रो (भाला फेंक) में अंजनी कुमारी (40.79 मीटर) ने रजत पदक हासिल किया.


प्रोत्साहन देने में शिक्षिका आर्या एवं एथलीट सूरज का है योगदान
जमुई के सभी खिलाडियों को विशेष प्रोत्साहन देने में शिक्षिका आर्या सिंह एवं राष्ट्रीय एथलीट सुरज सिंह आशुतोष का विशेष योगदान है, जिन्होंने अपने निजी कोष से सहयोग राशि देकर खिलाडियों को प्रतियोगिता मे भाग लेने भेजा एवं उनका मनोबल बढ़ाया। इस बाबत पूछे जाने पर एथलीट सुरज सिंह आशुतोष ने बताया कि जमुई के खिलाडियों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर होना जिलाभर के लिए गौरव की बात है लेकिन संसाधन एवं आर्थिक अभाव में इन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में जमुई के चुनिन्दा लोगों द्वारा माँ शीतला खेल संघ प्रोत्साहन पथ का गठन कर खिलाड़ियों को यथासंभव सहयोग दिया जा रहा है ताकि उन्हें इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने भेजा जा सके.

सुशान्त साईं सुन्दरम
Gidhaur.com      |     25/11/2017, शनिवार