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मौसम की बेरूखी से गिद्धौर प्रखंड के किसान उपेक्षित


[गिद्धौर    |    अभिषेक कुमार झा]
मौसम की बेरुखी और उलझन, गिद्धौर प्रखंड के किसानों के लिए एक बार फिर हानिकारक सिद्ध हुई है। गिद्धौर के किसान आलू बोने को लेकर कई बार खेत की संपूर्ण तैयारियों को पूरी कर चुके है, पर इसके बावजूद उनके हाथ निराशा ही लग रही है।

प्रभावित हो रही है आलू की खेती
गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत मौरा, रतनपुर, कोल्हुआ, सेवा आदि पंचायतों के किसानों की मानें तो आलू को अच्छे दर से बेच कर लाभ कमाने के लिए इसे जल्दी तैयार कर बाज़ार में नया आलू का खेप लाना पड़ता है। ऐसे में किसान भाई आलू की बूआई अक्टूबर-नवंबर माह के बीच के सप्ताह में करना फायदेमंद मानते हैं। पर मौसम के प्रभाव से इस बार ऐसा कर पाने से किसान चुक गए हैं। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि आगे ठण्ड की मौसम में बढ़ोत्तरी होने से आलू की फसल उत्पादन को गहरा झटका लग सकता है। ऐसे में गिद्धौर प्रखंड के किसान भाई मौसम साफ़ होने की आस लगाए बैठे हैं।

इस बार आलू की खेती से नहीं मिला संतोषजनक लाभ
वर्तमान में गिद्धौर प्रखंड के किसान भाईयों द्वारा लगाए गए आलू अल्पजल से उपज कर अपने जीवन अवधि को पूरा कर लिया है। इसे खेत से निकाल कर संग्रहण करने में किसानो को काफी मशक्कत का सामना करना पड रहा है। परन्तु स्थानीय किसानों द्वारा ये चिंता जताई जा रही है कि पिछले बार की अपेक्षा इस बार आलू के फसल में संतोषजनक लाभ नहीं मिल सकेगा।

28/11/2017, मंगलवार
www.gidhaur.com