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गिद्धौर की माँ दुर्गा की महिमा है अपरम्पार, पूरी होती है भक्तों की हर मनोकामना

Gidhaur.com (दुर्गा पूजा विशेष) : जमुई जिले के गिद्धौर राज रियासत के गौरवशाली इतिहास में यहाँ के दुर्गा पुजा का स्वर्णाक्षरों में उल्लेख है।यहाँ माता शेरावाली की भक्ति के लिए शारदीय नवरात्र का बड़ा महत्व है। नवरात्र पर्व को लेकर महीनों पहले से ही भक्त तैयारियों में जुट जाते हैं। माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए अहले सुबह के तीन बजे से ही श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचने लगते हैं। यूं कहें कि गिद्धौर दुर्गा मंदिर समेत लगभग सभी मंदिरों में सुबह से देर शाम तक भक्तों का रेला लगा रहता है। महिलाएं, नवयुवक यहाँ तक की बच्चे भी नंगे पैर घरों से निकलकर मंदिर पहुँचते हैं और मां की स्तुति कर विधिवत पूजा करते हैं। गिद्धौर के लगभग हर घर में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ कर भक्त आदिशक्ति मां जगदंबे से मुरादें मांगते नजर आ रहे हैं।
गिद्धौर में भव्य पंडाल का तैयार है खाका
गिद्धौर के ऐतिहासिक धरा पर शारदीय दुर्गा पुजा सह लक्ष्मी पूजा के आयोजन को लेकर पंडाल का खाका तैयार कर लिया गया है। दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति के सदस्य दिन-भर पंडालों की साज-सज्जा में व्यस्त नजर आए। विदित हो कि, बड़े-बड़े दिग्गज भी गिद्धौर के दुर्गा पूजा मेला में निर्मत भव्य पांडाल के सुलोचक रह चुके हैं।
मूर्तिकार द्वारा प्रतिमा को दिया गया अंतिम रूप
गिद्धौर के प्रसिद्ध मूर्तिकार राजकुमार रावत द्वारा प्रतिमा को फाइनल टच दिया गया है। जानकारी से अवगत कराते चलें कि, पिछले गुरुवार से ही गिद्धौर में शारदीय दुर्गा पुजा सह लक्ष्मी पूजा के आरम्भ होते ही ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर भक्तों के जयकारों से गूंजने लगा है। अहले सुबह दंडवत देने के दिए गिद्धौर की मां दुर्गे के दरबार में भक्तों का तांता लग जाता है। वहीं मंदिर में दिन भर घंटा, घड़ियाल और शंखनाद की गूँजती ध्वनि ने गिद्धौर का माहौल भक्तिमय बनाया हुआ है।

गिद्धौर     |      28/09/2017, गुरुवार