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दुर्गा पूजा कार्यक्रम की हुई उद्घोषणा, यहाँ जानें कब क्या

Gidhaur.com (विशेष) : जगत की उत्पत्ति, पालन एवं संहार तीनों व्यवस्थाएं जिस शक्ति के द्वारा सम्पादित होती हैं, वह परम शक्तिशाली शक्ति माँ दुर्गा ही है। हमारे क्षेत्र में एक कहावत प्रचलित है कि 'काली है कलकत्ते की, दुर्गा है पतसंडे की'। यह पतसंडा हम सभी की मातृभूमि-जन्मभूमि-कर्मभूमि गिद्धौर ही है। आदिकाल से ही गिद्धौर में दुर्गा पूजा विशेष तांत्रिक विधि-विधान से प्रकांड विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराया जाता है।
बनारस की गंगा से मिट्टी लाकर गिधौर के दुर्गा मंदिर में माँ दुर्गा की प्रतिमा बनाई जाती है। 

दुर्गा पूजा के कार्यक्रम की उद्घोषणा ज्योतिषाचार्य डॉ. विभूति नाथ झा ने कर दी है। इस बार 21 सितम्बर, गुरुवार से दुर्गा पूजा प्रारम्भ हो रही है। इस दिन मंदिर में कलश स्थापन एवं पाठ संकल्प कर पूजा प्रारम्भ कर दी जाएगी। महाष्टमी 28 सितम्बर, महानवमी 29 सितम्बर एवं विजयादशमी 30 सितम्बर को है। 

इसके अलावा आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, 5 अक्टूबर, गुरुवार को माँ लक्ष्मी की प्रतिमा का पूजन संकल्प होगा और इसके अगले दिन प्रतिमा विसर्जित की जायेगी। 

(अपराजिता)
गिद्धौर     |     01/09/2017, शुक्रवार
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