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चुनौतीपूर्ण है गंगा की सफाई, आम जनता को भी इससे जोड़ने की जरुरत

Gidhaur.com (न्यूज़ डेस्क) : गंगा को हमारे ग्रंथों ने माँ का दर्जा दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गंगा की सफाई एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंगा का एक गंदे नाले के रूप में बहते रहना निश्चित ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्तमान में गंगा की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां पानी में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा प्रति लीटर-मिलीग्राम की सामान्य स्थिति के मुकाबले शून्य है। अर्थात् गंगा का पानी जलीय जीवों के लिए पूरी तरह से प्रतिकूल है। यही वजह है कि इसके पानी में मछलियों व अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। गंगा की सफाई के लिए सरकारी प्रयासों के साथ ही आवश्यकता इस बात की भी है कि सरकार आम जनता को भी इस कार्य से जोड़े। जब तक जनता के मन में गंगा  को बचाने के लिए उसके प्रति प्रेम नहीं उमड़ेगा, तब तक गंगा का साफ होना न सिर्फ मुश्किल अपितु असंभव ही है।

गिद्धौर    |       16/09/2017, शनिवार